तेंदुए से बहू की जान बचाई, सास ने गजब की बहादुरी दिखाई

tenduaचौखुटिया (देहरादून )। एक सास ने बहादुरी की मिसाल कायम करते हुए अपनी बहू की न सिर्फ जिंदगी बचाई बल्कि तेंदुए को कैद भी कर दिया। दरवाजा बंद करके बाहर से कुंडी लगा दी। सुबह वन विभाग की टीम ने तेंदुए को पकड़ा। सास की बहादुरी की चर्चा इस समय हर जगह हो रही है।

घटना शनिवार रात की है। यहाँ मोहिनी नामक महिला के घर की रसोई में एक तेंदुआ घुस आया। उस समय मोहनी की बहू हेमा रसोई में खाना बना रही थी। अपने सामने तेंदुए को देखते ही हेमा के होश उड़ गए। वह चीख पड़ी। बहू की चीख सुनते ही मोहनी रसोई घर की ओर भागी। वहां तेंदुए को देखते ही उनके भी होश फख्ता हो गए। लेकिन मोहिनी ने हिम्मत और अकल से काम लिया। उन्होंने बिना देरी किए बहू को रसोई घर से बाहर खींचा और इससे पहले कि  तेंदुआ हमला करता उसने रसोई घर कुंडी लगाकर तेंदुए को अंदर ही कैद कर दिया।
धीरे-धीरे यह खबर आस-पास के परिवारों तक पहुंची। वहां भीड़ लग गई। सभी ने मोहिनी की बहादुरी की दिल खोल कर तारीफ की। क्योंकि मोहनी ने अपनी हिम्मत के बूते जहां बहू की जान बचाई वहीं एक तेंदुए को कैद कर दिया।

मोहनी की रसोई घर में तेंदुए के कैद होने की खबर सुन कर रात भर गांव के लोग सहमे रहे। सबको यही डर सताता रहा कि कहीं तेंदुआ रात में ही दरवाजा तोड़कर रसोई से बाहर न निकल आए। रातभर लोग मौके पर ही जमे रहे और उनका पूरा ध्यान मोहनी की रसोई पर ही था। देर रात तेंदुए की कैद होने की खबर आसपास के गांवों तक भी पहुंच गई थी।

मोहनी की रसोई घर में तेंदुआ करीब 15 घंटे तक कैद रहा। शनिवार रात नौ बजे के करीब मोहनी ने रसोईघर में तेंदुए को कैद किया था। रविवार सुबह दस बजे वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। करीब 12 बजे तेंदुए को वहां से निकालने में कर्मचारियों को कामयाबी मिली। तेंदुए की उम्र 10 महीने की बताई जा रही है। पकड़े गए तेंदुए को अल्मोड़ा जू में ले जाया गया है।

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