मां काली की उपासना से होंगे ये सारे कष्ट दूर

नई दिल्ली। दुष्टों का संघार करने वाली मां काली हिन्दू धर्म में शक्ति स्वरुप का एक अलग ही महत्व है। मां काली शक्ति सम्प्रदाय की प्रमुख देवी हैं। काली कि उपासना से भय खत्म होता है।

मां काली कुल दस महाविद्याओं में से प्रथम स्थान पर है। कहते हैं शुम्भ-निशुम्भ के वध के दौरान उनके शरीर से एक तेज़ पुंज बहार निकल गया था जिससे उनका रंग काला पड़ गया था तभी से उन्हें काली मां के नाम से बुलाया जाता है काली की पूजा-उपासना से भय खत्म होता है।

इनकी अर्चना से रोग मुक्त होते हैं। राहु और केतु की शांति के लिए मां काली की उपासना अचूक है। मां अपने भक्तों की रक्षा करके उनके शत्रुओं का नाश करती हैं। इनकी पूजा से तंत्र-मंत्र का असर खत्म हो जाता है।

मां काली की उपासना तंत्र पूजा और सामान्य पूजा से की जाती है। मां काली कि उपासना का सबसे अच्छा समय मध्य रात्रि को माना जाता है। सामान्य पूजा कोई भी कर सकता है परन्तु तंत्र पूजा बिना गुरु के संरक्षण और निर्देश के नहीं की जा सकती है।

मां की उपासना में लाल और काली वस्तुओं का विशेष महत्व होता है, जो सामान्यतः इन्हें अर्पित की जाती हैं। मां कि उपासना शत्रु और विरोधी को शांत करने के लिए भी कि जाती है। किसी के नाश अथवा मृत्यु के लिए मां की उपासना नहीं करनी चाहिए।

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