दो लाख रुपये के लिए मां कर रही थी अपने 11 महीने के बच्चे का सौदा, हुई गिरफ्तार

पणजी। वैसे मां को ममता का सागर कहा जाता है लेकिन गोवा से एक  ऐसी खबर सामने आई है जिसने नौ महीने तक गर्भ में आश्रय देने वाली है मां की परिभाषा बदल दी। दरअसल, यहां पुलिस ने एक 32 वर्षीय मां को उस वक्त गिरफ्तार किया है जब वह अपने 11 महीने के दूधमुंहे बच्चे का सौदा कर रही थी। इस मामले में पुलिस ने मां के अलावा इस काम में उसकी मदद करने वाले दो अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया है।

मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस को सूचना मिली थी कि शैला पाटिल नाम की मां अपने 11 महीने  के बेटे को बेचने की फिराक में थी, जिसे कथित खरीदार 32 वर्षीय अमर मोरजे खरीद रहे थे। इस काम में योगेश गोसावी और अनंत दामाजी नाम के दो व्यक्ति उसकी इस डील में मदद कर रहे थे। पुलिस को इस बात की सूचना शैला के पति ने ही दी थी।

मामले की जांच कर रहे पोंडा पुलिस स्‍टेशन के इंस्‍पेक्‍टर हरीश मदकाइकर ने कहा कि पैसे की जरूरत को देखते हुए पति को अंधेरे में रख पाटिल बच्‍चे का सौदा कर रही थी। सभी आरोपी परनम तहसील में रहते हैं। शैला पाटिल मूल रूप से पुणे की रहने वाली है। उसने अपने मित्र गोसावी और दामाजी से बच्‍चे के सौदा करने में मदद मांगी थी और कहा था कि उसे दो लाख रुपये की सख्‍त जरूरत है।

इंस्‍पेक्‍टर मदाइकर ने बताया कि गोसावी व दामाजी ने मोरजे से बात की जो विवाहित था लेकिन नि:संतान था और इसलिए वह बच्‍चे को खरीदने के लिए राजी हो गया। 23 मार्च को मोरजे के हाथों बच्‍चे को सौंप दिया गया। उस वक्‍त पाटिल के पति वहां नहीं थे। वापस लौटने के बाद उन्‍हें पूरी घटना के बारे में पता चला और उन्‍होंने पुलिस से संपर्क किया। पुलिस ने भारतीय दंड संहिता के तस्‍कर विरोधी प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया है।

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