15 अगस्त से पहले माताएं रखें बच्चों का ध्यान, कही भगत सिंह की तरह न हो जाये शहीद

बदायूंः भारत देश में हर साल राष्ट्रीय पर्व स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त (August 15) को धूमधाम से मनाया जाता है। इस दिन कई बच्चे स्वतंत्रता दिवस से जुड़े कई नाटक प्रस्तुत करते है। इसी को लेकर बदायूं में बच्चें भगत सिंह (Bhagat Singh), राजगुरु और सुखदेव बन कर घर मे रिहर्सल कर रहे थे। इसी खेल में एक बच्चा जो भगत सिंह (Bhagat Singh) बना था वो रस्सी का फंदा बनाकर गले मे डालकर स्टूल पर खड़ा हो गया। अचानक से स्टूल से बच्चे का पैर फिसलने से वो फांसी पर झूल गया और उसकी मौत हो गई। ये देखते ही घर पर मातम छा गया और परिजनों ने बिना पोस्टमार्टम कराए बच्चे का अंतिम संस्कार कर दिया।

जानकारी के मुताबिक, कुंवरगांव थाना इलाके के बावट ग्राम में एक 9 वर्षीय मासूम शिवम अपने घर में बच्चों के साथ 15 अगस्त के नाटक की तैयारी कर रहा था। उसके माता-पिता खेतों में काम करने गए थे। इस खेल में आरती का बेटा शिवम सरदार भगत सिंह का किरदार निभा रहा था। तभी छत में लगे कुंडे में बच्चों का एक झूला भी पड़ा हुआ था जिस पर शिवम स्टूल के सहारे खड़ा हो गया और उसे फंदा बनाकर अपने गले में डाल दिया।

अचानक से स्टूल पर पैर फिसल जाने की वजह से गले मे फंदा कस गया और वो फांसी पर झूल गया। शिवम को रस्सी पर लटका देख साथ में खेल रहे बच्चे घबरा गए और वह वहां से भाग गए। कुछ देर बाद जब शिवम की मां घर पहुंची तो शिवम को फंदे से लटका देख दंग रह गई। उसे नीचे उतारा गया, लेकिन तब तक बच्चे की मौत हो चुकी थी। शिवम की मौत से परिजनों में शोक की लहर दौड़ गई। बिना पुलिस को सूचना दिए और बिना पोस्टमार्टम के मृतक शिवम का परिजनों ने अंतिम संस्कार कर दिया।

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