मुगल बादशाह Naseeruddin Muhammad Shah आज के दिन बना था Delhi का शासक, जानें पूरा इतिहास

नसीरुद्दीन मुहम्मद शाह को मोहम्मद शाह रंगीला के नाम से भी जाना जाता है। ये 1719 से 1748 तक मुगल बादशाह थे

नई दिल्ली: नसीरुद्दीन मुहम्मद शाह (Naseeruddin Muhammad Shah) को मोहम्मद शाह रंगीला के नाम से भी जाना जाता है। ये 1719 से 1748 तक मुगल बादशाह थे। नसीरुद्दीन मुहम्मद शाह बड़े ही रंगीन तबके के थे। इन्हें नाच-गाने का बड़ा शौक था। उस वक्त कई विदेशी शक्तियों की नजर मुगल सल्तनत पर पड़ी थी क्योंकि उस वक्त मुग़ल काफी कमजोर थे।

 

मुगल साम्राज्य

पिछले कई सालों में कई सारे सम्राटों के गद्दी पर बैठने के कारण मुगल साम्राज्य कमजोर पड़ गया था। जिसके कारण कई विदेशी शक्तियां भारत पर अपने पांव पसार रही थी। इनका राज्याभिषेक 1719 इस्वीं में सैयद बंधुओं की सहायता से हुआ। उन्होंने मोहम्मद शाह को सुल्तान बनाने की कोशिश की परंतु मोहम्मद शाह को सैयद बंधु से काफी खतरा पैदा हो गया था। क्योंकि उन्होंने पहले भी कई सारे मुगल सम्राटों का कत्ल करवाया था। जिसके कारण उन्होंने सर्वप्रथम आसफ जा प्रथम जो कि आगे चलकर हैदराबाद के निज़ाम बने। उनकी सहायता से सैयद बंधुओं को खत्म करवा दिया। 1722 ईस्वीं में और एक स्वतंत्र मुगल सम्राट के रूप में प्रतिष्ठित हुये।

हालांकि उनके जीवन की एकमात्र सफलता रही परंतु उसके बाद उनके जीवन में लगातार हार का सिलसिला शुरू हो गया। 1724 में निजाम-उल-मुल्क ने मुगल सम्राट मोहम्मद शाह के खिलाफ कार्रवाई की जिसमें उन्होंने दक्कन से अवध न आने का फैसला किया था। परंतु मोहम्मद शाह ने उनसे कहा कि वह दक्कन की सूबेदारी छोड़कर अवध के सूबेदार बन जाए। परंतु निजाम-उल-मुल्क ने इस बात को नकार दिया और अपनी सेनाओं को लेकर मुग़ल सम्राट की सेना को 1726 में पराजित कर दिया जिसमें मराठों ने भी निजाम की मदद की थी।

बाजीराव पेशवा की सेनाओं का कूच

1736 में बाजीराव पेशवा की सेनाओं ने दिल्ली की ओर कूच किया। आगरा पहुंचे मोहम्मद शाह ने शहादत अली खान प्रथम जोकि अवध के नवाब थे उनसे कहा कि वह बाजीराव प्रथम को दिल्ली आने से पहले ही रोक लें, परंतु उन्होंने शहादत अली खानप्रथम को धोखा देकर दिल्ली की ओर बाजीराव निकल गया और शादत अली खान आगरा में अपनी एक लाख की सेना लेकर इंतजार करते रहे।

यह भी पढ़ेकोरोना इयर 2019-20 में BJP को मिला 750 करोड़ का चंदा, इसकी तुलना में कांग्रेस को बहुत कम

Related Articles