बीस लाख की रिश्वत मामले में मुंबई monorail सीओओ गिरफ्तार

मुंबई : देश में   भ्रस्टाचार का एक और मामला सामने आया है। इस में एक कंपनी द्वारा दी गई सेवाओं के बिल खत्म करने के एवज़ में 20 लाख रुपये की रिश्वत मांगी गई। मामला महाराष्ट्र का है जहाँ एंटी करप्शन ब्यूरो ने ने मुंबई monorail के सीओओ के खिलाफ कार्रवाई की है।

monorail में अटके 50 लाख के बदले मांगी 20 लाख रिश्वत

इस कड़ी में आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस मामले में रिश्वत लेने के लिए संबंधित कंपनी की फाइल जानबूझकर अटका कर रखने का आरोप शिकायतकर्ता कंपनी द्वारा लगाया गया है। इस कड़ी में एंटी करप्शन ब्यूरो के अधिकारियों के मुताबिक कम्प्लेन करने वाली कम्पनी सफाई कर्मचारी, मेंटेनेंस और अन्य सेवाएं उपलब्ध कराती है। उसने जनवरी 2019 से अगस्त 2020 तक किये गये एक करार के तहत मुंबई मोनोरेल से 2.5 करोड़ रुपये का सौदा किया था। करार के मुताबिक शिकायतकर्ता ने मुंबई मोनोरेल को बैंक गारंटी के रूप में 32 लाख रुपये दिये थे। इसलिए मुंबई मोनोरेल द्वारा शिकायतकर्ता को कुल 2.82 करोड़ रुपये मुआवज़े के तौर पर दिये जाने थे।

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इस मामले के जानकारों के मुताबिक मुंबई मोनोरेल के अधिकारी के पास जूतियां घिसने के बाद शिकायतकर्ता को जनवरी 2021 में 2.1 करोड़ रुपये और उसके बाद जून में 22 लाख रुपये मिले। लेकिन बाकि के 50 लाख रुपये की रकम के लिए डॉ डीएलएन मूर्ति ने शिकायतकर्ता की फाइल अपने पास अटका कर रख ली और 20 लाख रिश्वत मांग की थी।

इसके बाद शिकायतकर्ता ने 2 जुलाई को वरली स्थित एंटी करप्शन ब्यूरो के मुख्यालय से संपर्क किया था। उसके बाद एंटी करप्शन ब्यूरो ने जांच शुरूकर जाल बिछाने का प्रयत्न भी किया लेकिन इसमें कुछ नहीं हुआ। इस कड़ी में एसीबी ने कहा कि मूर्ति पर भ्रष्टाचार निरोधक कानून 1988 की धारा 7 के तहत अपराध दर्ज किया गया है।

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