मुनस्यारी के बर्फीले पहाड़ों पर धधक रही आग

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मुनस्यारी (पिथौरागढ़)। पूरा उत्तराखंड इन दिनों शीतलहर की चपेट में है जबकि मुनस्यारी के हरे-भरे बुग्याल धधक रहे हैं। जी हां, पिथौरागढ़ के मुनस्यारी में खलियाटॉप के आसपास स्थित रूई, गैरधार, रातापानी, कालामुनि, बनिक और गिरगांव के बुग्यालों में बीते 24 घंटों से आग लगी हुई है। मुनस्यारी के आसपास का आसमान काले धुएं से घिरा हुआ है। इन दिनों कस्तूरी मृग, हिमालयी भालू, तेंदुआ समेत अन्य जानवर ठंड से बचने के लिए घाटी वाले इलाकों की तरफ आ जाते हैं। शिकारी उनको आग लगाकर घेर लेते हैं और मार गिराते हैं। इन बुग्यालों में राज्य पक्षी मोनाल भी पाया जाता है। इतने लंबे समय से आग की वजह से उसके अस्तित्व पर भी खतरा मंडराने लगा है। आग को देखते हुए वन विभाग और तहसील प्रशासन सक्रिय हो गया है। इन बुग्यालों में खरसू, तिमसु, ल्वेटा, बुरुंश आदि के पेड़ भी पाए जाते हैं।

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कस्तूरी मृग इन पेड़ों की पत्तियों को ही चारे के रूप में खाता है। आग से इन पेड़ों को भी काफी खतरा पहुंच रहा है। वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक आग बुझाने और आग लगाने वालों को पकड़ने के लिए वन दरोगा समेत चार सदस्यीय टीम मौके पर भेजी गयी है। इसके अलावा कुछ स्थानीय लोगों को भी भेजा गया है, जिससे वन्यजीव तस्करों को दबोचा जा सके। इस बीच राजस्व विभाग की टीम को भी बुग्यालों की ओर रवाना किया गया है। बता दें कि, इस बार बुग्यालों में आग लगाने की यह तीसरी घटना है, लेकिन वन विभाग किसी भी तस्कर को अबी तक पकड़ नहीं सका है।

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