मोटिवेजर्स क्लब के आंगन में सजी गीतों की महफिल, बुजुर्गों ने शेयर की पुरानी यादें

लखनऊ: मोटिवेजर्स क्लब ने अपनी चली आ रही क्रमावली के तहत इस बार आठवें संस्करण में ‘म्यूजिक के रंग मोटिवेजर्स के संग’ थीम पर आइफिल कैफे में कार्यक्रम का आयोजन किया जिसमें सभी बुजुर्गों ने संगीत से जुड़ी अपनी कुछ पुरानी यादें शेयर की। कार्यक्रम की शुरुआत में क्लब के सभी फाउन्डर मेम्बर(आस्था, प्रिषिता, ऋचा, गौरव और शिखर) ने पुराने और नए गानों के मैशअप पर ग्रुप सॉन्ग कर  बुजुर्गों का दिल जीत लिया। म्यूजिक थीम को ध्यान में रखते हुए कुछ अलग-अलग सिंगर्स ने अलग-अलग भाषाओं में गानों की प्रस्तुति दी।

गाना सुन भांगड़ा करने लगे मेम्बर

कार्यक्रम के दौरान इशिता चौहान ने अपने पंजाबी गानों( कतेया करू, जूती पटियाले दी) से मेम्बर्स को भांगड़ा करने पर मजबूर कर दिया वहीं क़ैसर नसीम(मेरे सपनों की रानी, गुलाबी आंखे जो तेरी देखि) ने अपनी मधुर आवाज से वहां मौजूद सभी लोगों का दिल जीत लिया साथ ही मेम्बर्स ने और गानों की भी फरमाइश की। इन दोनों के पेरफ़ोर्मेंस के बाद ग्रेजुएशन कर रही छात्रा अनुकृति के (बड़े अच्छे लगते हैं ये धरती —-) गाने को सुनकर कैफे में तालियों की गड़गड़ाहट गूंज उठी।

मोटिवेजर्स मेम्बर्स के बीच छिड़ी गानों की जंग(अंताक्षरी)

संगीत और खेल की बात हो रही हो और अंताक्षरी का नाम न आए ये कैसे हो सकता है। क्लब के वोलेंटियर के ग्रुप सॉन्ग और कुछ बाहर से आए सिंगर की परफ़ोर्मेंस के बाद मेम्बर्स के बीच में अंताक्षरी हुई जिसमें सभी काफी खुशी से हिस्सा लेते नज़र आए। दोनों पक्षों में जीतने की ललक उनके उत्साह को देख कर साफ नज़र आ रही थी। जहां एक तरफ वीना छाबड़ा ने ज्यादा गाने गा कर अपनी टीम को जीत हांसिल करवाया वहीं दूसरी टीम ने भी बेहतर प्रयास किया।

बुजुर्गों ने दिखाया इशारों का कमाल

प्लककार्ड गेम में दोनों टीमों के मेम्बर्स ने जीतने के लिए बेहतरीन इशारे कर लगातार प्रयास किया।  प्रोग्राम के अंत में प्रियांश सक्सेना ने ‘आओगे जब तुम ओ साजना’ गाने पर बांसुरी बजाकर वहाँ मौजूद सभी लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया।

मोटिवेजर्स टीम ने डेडीकेट किए मेम्बर्स को गाने

एकरिंग कर रही आस्था और प्रिषिता ने सभी मेम्बर्स को टीम की तरफ से कुछ गाने डेडीकेट किये। शुरुआत से आ रहे मेम्बर्स और क्लब को आगे ले जाने के लिए प्रोत्साहित करने वाले मेम्बर्स के लिए गाने डेडीकेट किए। इवेंट की सबसे एक्टिव मेम्बर अमिता गुप्ता के डांस के क्रेज़ को देखते हुए उन्हे हवा हवाई के टाइटल ने नवाज़ा गया।

अगर सवाल किया जाये कि म्यूजिक यानि संगीत की शुरुआत कब से हुई? कहां से आया? म्यूजिक तब से है जब हमारे पास भाषा भी नहीं थी, म्यूजिक का अस्तित्व दशकों पहले नहीं बल्कि अनादि काल से है। म्यूजिक का अस्तित्व तब से है जब पहली बार मानव दुनिया में आया तो उसके गले में आवाज तो थी लेकिन उसका इस्तेमाल कैसे करें यह नहीं पता था, ऐसे में जब वो खुश होते थे तब वे गले से कुछ मीठी मधुर आवाज निकालते थे।

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