देश में सांप्रदियक तनाव के बाद मुस्लिम शरणार्थी भागे, स्थानीय लोग भी डरे हुए

0

कोलंबो: श्रीलंका में ईस्टर के दिन हुए बम धमाकों के बाद हर कोई खौफ में है। जहां अन्य समुदाय के लोगों को डर है कि आतंकी फिर किसी बड़ी वारदात को अंजाम दे सकते हैं। वहीं, मुस्लिम समुदाय के लोगों को डर है कि बम धमाकों के बाद उनके खिलाफ हमला किया जा सकता है। ईस्टर के मौके पर श्रीलंका में हुए सिलसिलेवार धमाकों में कम से कम 359 लोगों की मौत हो गई है। इन विस्फोटों की जिम्मेदारी इस्लामिक स्टेट समूह ने ली है।

सैकड़ों मुस्लिम शरणार्थी देश के पश्चिमी तट पर नेगोंबो भाग गए, जहां हाल के दिनों में सांप्रदायिक तनाव भड़क गए हैं। बुधवार को सैकड़ों पाकिस्तानी मुसलमान राजधानी कोलंबो से एक घंटे की दूरी पर स्थित में बहु-जातीय बंदरगाह से भाग गए। सामुदायिक नेताओं और पुलिस द्वारा उपलब्ध कराई गई बसों में भरकर वे इलाकों से निकले। दरअसल, उन्हें स्थानीय लोगों की तरफ से हमले का बदला लेने की धमकी के बाद अपनी सुरक्षा का डर सता रहा है।

पाकिस्तानी मूल के अदनान अली ने कहा कि बम विस्फोटों की घटनाओं के बाद यहां स्थानीय श्रीलंकाई लोगों ने हमारे घरों पर हमला किया है। बस में चढ़ते हुए अदनान ने कहा कि अभी हम नहीं जानते कि हम कहां जाएंगे। आतंकी संगठन आईएस ने हमलों की जिम्मेदारी ली है। फिर भी समूह सुन्नी मुस्लिम नेगोंबो की तरफ भाग रहे हैं, जहां अहमदी समुदाय के मुसलिम रहते हैं। पाकिस्तान में अहमदी समुदाय को गैर-मुस्लिम घोषित किए जाने के बाद वे सालों पहले वहां से भागकर श्रीलंका आ गए थे।

रविवार के हुए हमलों ने उन्हें एक बार फिर बेघर कर दिया है। एक पाकिस्तानी मूल की अहमदी मुस्लिम महिला फराह जमील ने कहा कि उसे उसके मकान मालिक ने घर से निकाल दिया था। उसने बताया कि उसके मकान मालिक ने कहा कि यहां से चले जाओ और जहां भी जाना चाहते हो जाओ, लेकिन यहां मत रहो। वह उन कई अहमदिया मुस्लिमों में से एक थी, जो मस्जिद के बाहर खड़े होकर सुरक्षित स्थान पर ले जाए जाने के लिए बसों का इंतजार कर रही थी।

हमलों के मद्देनजर पुलिस ने पश्चिमी श्रीलंका से कई लोगों को हिरासत में लिया है, जहां साल 2014 में मुस्लिम विरोधी दंगे हुए थे। इसके साथ ही सेंट सेबेस्टियन चर्च के आस-पास के इलाकों में छापे मारे गए हैं। पुलिस ने शरणार्थियों के लिए खतरे को कम किया, लेकिन कहा कि नेगोंबो में पाकिस्तानियों पर संदेह करने वाले स्थानीय लोगों के कई फोन आ रहे हैं। पुलिस और सेना के जवान लोगों की सुरक्षा के लिए जगह-जगह पर तैनात है। मगर, सांप्रदायिक तनाव देश में काफी बढ़ गया है।

कटरा थाने के प्रभारी अधिकारी, हेराथ बीएसएस सिसिला कुमारा ने कहा कि अगर लोगों को संदेह होता है, तो हमें घरों की तलाशी लेनी होगी। मस्जिद में इकट्ठा होने वाले पाकिस्तानियों में से 35 को उनकी सुरक्षा के लिए पुलिस हिरासत में ले लिया गया था और उन्हें एक अज्ञात स्थान पर भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि सभी पाकिस्तानियों को सुरक्षित जगहों पर भेज दिया गया है। केवल वे ही फैसला करेंगे कि उन्हें कब वापस लौटना है।

loading...
शेयर करें