इसलिए ऑफिस छोड़ते वक्त आंखों में रहती है नमी और चेहरे पर हंसी…

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आपने कई बार देखा होगा कि जब किसी व्यक्ति का ऑफिस में आखिरी दिन होता है तो उसकी और उसके साथ काम करने वालों की आंखे नम हो जाती है। फेरवेल पार्टियां होती हैं, जिसमें ऑफिस जाने वाले व्यक्ति को खुशी से विदाई दी जाती है। इसकी सबसे बड़ी वजह होती है वह लगाव जो उस व्यक्ति को अपने साथ काम करने वाले अन्य लोगों से और लोगों को उससे हो जाता है। लेकिन क्या कभी आपने सोचा है कि आखिर ऐसा होता क्यों है। अगर नहीं, तो चलिये आज हम इन्ही बातों पर कुछ चर्चा करते हैं।

कहते हैं कि ऑफिस व्यक्ति के परिवार की तरह होता है और वहां काम करने वाले लोग पारिवारिक सदस्य। यह सच भी है क्योंकि ऑफिस में काम करने वाला व्यक्ति एक ऑफिस मे उतना समय गुजारता है जितना वो अपने घर में भी नहीं गुजारता। तो ऑफिस में काम करने वालों के साथ भी उनका वैसा ही लगाव हो जाता है जितना घर वालों के साथ। ऐसे में जब व्यक्ति को किन्ही कारणों से ऑफिस छोड़ना पड़ता है तो उसके लिए वह समय बहुत ही भारी प्रतीत होता हैं।

इसके अलावा जब वह रोजाना दिन के सात से आठ घंटा साथ बिताता है तो इस दौरान उनके बीच कई बातें होती हैं। इनमें से कई बातें अच्छी लगती हैं और कई बातें बुरी। कई बातें ऐसी भी होती है जो दिल में उस व्यक्ति के लिए बहुत ज्यादा प्रेम जाग जाता है। कई ऐसी भी बातें होती हैं जिसकी वजह से वह व्यक्ति को कट्टर दुश्मन समझने लगता है।

कई बार साथ में काम करने के दौरान कोई ऐसा भी मिल जाता है जिसे हम अपना सबसे अच्छा पार्टनर समझने लगते हैं। फिर उस पार्टनर से अलग होने पर दुख आखिर किसको नहीं होगा। ऑफिस छोड़ने के बाद हमने जो वक्त साथ बिताया वह हमेशा जहन में रहता है। ये ऐसे वक्त होते हैं जिन्हें याद करके आंखों से आंसू भी आते हैं और लबों पर हंसी भी रहती है।

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