म्यांमार में सेना समर्थित विपक्षी दल ने पक्षपात बताते हुए चुनाव परिणाम को नकारा

म्यांमार में सेना के समर्थन वाले मुख्य विपक्षी पार्टी ने पिछले हफ्ते हुए आम चुनाव के परिणामों को मानने से इन्कार कर दिया और पक्षपात बताते हुए परिणाम को बुधवार को खारिज कर दिया।

यांगून: म्यांमार में सेना के समर्थन वाले मुख्य विपक्षी पार्टी ने पिछले हफ्ते हुए आम चुनाव के परिणामों को मानने से इन्कार कर दिया और पक्षपात बताते हुए परिणाम को बुधवार को खारिज कर दिया। मंगलवार को आए अनाधिकारिक परिणामों के मुताबिक, नोबेल शांति पुरस्कार विजेता आंग सान सूकी की नेशनल लीग फॉर डेमोक्रेसी (एनएलडी) पार्टी की जीत हुई है। अगले पांच साल के लिए उसकी ही सरकार बनेगी।

यूनियन सॉलिडेरिटी एंड डेवलपमेंट पार्टी (यूएसडीपी) ने बुधवार को मीडिया ब्रीफिंग करते हुए आम चुनाव के लिए दोबारा मतदान कराने की मांग की। इसके लिए वह सेना के साथ मिलकर स्वतंत्र और निष्पक्ष कार्य करेगी। वही राजधानी नेपीता में केंद्रीय चुनाव आयोग के सदस्य ने विपक्षी दल की इस मांग पर कोई टिप्पणी करने से साफ मना कर दिया और कहा, हमें नहीं पता है कि उनके आरोप किस तरह के तथ्यों और साक्ष्यों पर आधारित हैं। यूएसडीपी ने अपनी मांग के समर्थन में पिछले हफ्ते हुए मतदान में गड़बड़ी का कोई सुबूत नहीं दिया है। चुनाव आयोग के कार्यालय के बाहर 50 से ज्यादा लोगों ने प्रदर्शन कर चुनाव में गड़बड़ी के आरोप लगाए लेकिन कुछ ही देर बाद पुलिस ने उन्हें हटा दिया।

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यूएसडीपी के प्रमुख थान ते ने अपने बयान में कहा

विपक्षी दल यूएसडीपी के प्रमुख थान ते ने मंगलवार को अपने बयान में कहा था कि चुनाव प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है। उन्होंने फेसबुक पर वीडियो पोस्ट करते हुए कहा था कि मतदान के दौरान कई गड़बडि़यां हुईं और ये सब गैरकानूनी है। इस पर कार्यवाई करते हुए जल्द ही पूरे तथ्य सार्वजनिक खुलासे करेंगे। सरकार बनाने के लिए 322 सीटें ही पर्याप्त हैं। लेकिन सुकी की पार्टी संसद के दोनों सदनों में 361 सीटें प्राप्त कर सकती है, अभी तक विपक्षी दल यूएसडीपी के 21 सीटें जीतने के संकेत हैं जबकि अन्य पार्टियों को 48 सीटें मिल रही हैं।

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