मैसूर दशहरा सरल, पारंपरिक तरीके से मनाया जाएगा: CM बोम्मई

नई दिल्ली: कर्नाटक सरकार ने इस साल विश्व प्रसिद्ध मैसूर दशहरा को ‘सरल और पारंपरिक’ तरीके से आयोजित करने का फैसला किया है। CM बसवराज बोम्मई (CM Basavaraj Bommai) ने कहा, ‘मैसूर दशहरा राज्य का त्योहार भी है। पिछले साल हमने इसे कोविड-19 के कारण पारंपरिक और सरल तरीके से मनाया था, इस बार भी हम इसे वैसे ही मनाएंगे।’

10 दिनों तक चलेगा कार्यक्रम

मैसूर दशहरा पर एक उच्च स्तरीय समिति की बैठक की अध्यक्षता करने के बाद CM ने यह निर्णय लिया है। सीएम ने कहा कि समारोह से जुड़े सभी अनुष्ठान जैसे चामुंडी हिल्स के ऊपर उत्सव का उद्घाटन, जम्बू सावरी (संपन्न हाथियों का जुलूस), और पूरे शहर में 10 दिनों तक रोशनी का आयोजन किया जाएगा।

मैसूर, चामराजनगर और श्रीरंगपटना में दशहरा उत्सव मनाने के लिए सरकार 6 करोड़ रुपये की राशि जारी करेगी। अधिकारियों को दशहरा समारोह के संबंध में मैसूर में बुनियादी ढांचे के विकास के लिए एक अनुमान प्रस्तुत करने का भी निर्देश दिया गया है। उत्सव और सांस्कृतिक कार्यक्रम अंबा विलास पैलेस और चामुंडेश्वरी मंदिर तक ही सीमित हैं। जंबू सावरी पिछले साल की तरह मैसूरु पैलेस परिसर के अंदर होगी। 10 दिनों तक चलने वाले इस उत्सव को 7 अक्टूबर को चामुंडी हिल्स में हरी झंडी दिखाकर रवाना किया जाएगा। जंबू सावरी 15 अक्टूबर को दोपहर 2.45 बजे होगी।

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