कला, संगीत और नृत्य का समागम ‘नमस्ते ओरछा’, जानिये इस महोत्सव की खासियतें

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मध्य प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए राज्य पर्यटन बोर्ड की ओर से आयोजित सांस्कृतिक उत्सव में ओरछा शहर और इसकी संस्कृति आकर्षण का केंद्र होगी। इस उत्सव में कला, संगीत, नृत्य का तो समागम होगा ही, फोटोग्राफी टूर और ऐतिहासिक कहानियों के माध्यम से ओरछा और पूरे मध्य प्रदेश की संस्कृति से रूबरू होंगे। इंडी म्यूजिक बैंड का जलवा दिखेगा और देश-विदेश में प्रसिद्धि हासिल कर चुकीं हिंदुस्तानी शास्त्रीय गायिका शुभा मुद्गल भी इस महोत्सव में अपनी प्रस्तुति देंगीं। इस महोत्सव का आनंद उठाने ओरछा पहुंचने वाले पर्यटकों के लिए यहां के कई ऐतिहासिक पर्यटन स्थलों की सैर करने का मौका होगा।

तीन दिनों के इस उत्सव का उद्धाटन समारोह सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ 16वीं शताब्दी के ओरछा किले पर आयोजित किया जाएगा। इस उत्सव में बेतवा नदी के किनारे महाआरती का आयोजन होगा। इसके साथ ही जैविक कृषि उत्पादों का प्रदर्शन भी किया जाएगा।

इस उत्सव के निदेशक यास्मीन किदवई बताते हैं कि मध्य प्रदेश में ओरछा की प्रसिद्ध विरासत, प्राकृतिक सुंदरता, संस्कृति और रचनात्मकता छिपे हुए रत्न की तरह है। वार्षिक कार्यक्रम जिसके माध्यम से राज्य में मौजूद आकर्षक स्थानों, संस्कृतियों, विचारों और रचनात्मकता को एक साथ लाने में मदद मिलेगी।

झांसी के पास स्थित ओरछा का अपना सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व है। यह महोत्सव मध्य प्रदेश और विशेष रुप से ओरछा की ऐतिहासिक संस्कृति से पर्यटकों का ध्यान आकर्षित करता है। ‘नमस्ते ओरछा’ महोत्सव की शुरुआत छह मार्च को होगी और समापन आठ मार्च को होगा।

मध्य प्रदेश सरकार के पर्यटन सचिव फैज अहमद किदवई ने कहा कि इस उत्सव के माध्यम से आने वाले लोग स्थानीय ओरछा लोगों से मिलकर उनके जीवन के बारे में जान सकेंगे। इस उत्सव में एक खाद्य और शिल्प बाजार होगा जिसमें स्थानीय व्यंजन और क्षेत्र की पारंपरिक हस्तशिल्प वस्तुएं होंगी।

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