नासा : 31 जनवरी की रात तीन रंगों में नजर आएगा चांद

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नई दिल्‍ली। 31 जनवरी की रात चांद तीन रंगों में दिखाई देगा। नासा के वैज्ञानिकों के मुताबिक, यह दुर्लभ संयोग 35 वर्ष बाद देखने को मिलेगा, जिसमें सुपर मून, ब्लू मून और ब्लड मूल के तीन रूपों के दीदार हो सकेंगे। चांद की तीन खूबियां किसी एक चंद्र ग्रहण के दौरान दिखना दुर्लभ खगोलीय घटना होती है। इससे पहले ऐसा संयोग एशिया में 30 दिसंबर 1982 को हुआ था, जो भारत के पूर्वी भाग में ही दिखाई दिया था।

वैज्ञानिकों के अनुसार सुपरमून उन लोगों के लिए एक शानदार मौका है, जो चंद्रमा के बारे में जानना और उसका अन्वेषण करना चाहते हैं। नासा के द्वारा कहा गया है कि ‘सुपर ब्लू मून ग्रहण’ के दिन पूर्ण चंद्रग्रहण भी रहेगा। जो भारतीय समय के अनुसार 31 जनवरी को शाम को 5 बजकर 18 मिनट से लेकर रात्रि 8 बजकर 42 मिनट कैसेट दिखाई देगा।  साथ ही इसे कैमरे में भी कैदा किया जा सकेगा।

इसके अलावा इंडोनेशिया, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया में चंद्र ग्रहण का नजारा साफ नजर आएगा। अलास्का, हवाई और कनाडा में भी यह नजर आएगा। सुपर मून उस घटना को कहते हैं जब चांद धरती के करीब आ जाता है। उस दिन चंद्रमा सामान्य से 14 प्रतिशत बड़ा और 30 प्रतिशत अधिक चमकदार दिखता है।

पूर्ण चंद्र ग्रहण की घटना के दौरान पृथ्वी के वायुमंडल से होते हुए कुछ रोशनी चांद पर पड़ती है। इसके चलते चांद हल्का लाल (तांबे के रंग की तरह) दिखाई देता है। इसी के चलते इसे ब्लड मून कहा जाता है। इस दौरान सूर्य के प्रकाश में मौजूद विभिन्न रंग इस पारदर्शी वातावरण में बिखर जाते हैं, जबकि लाल रंग पूरी तरह बिखर पाने में समर्थ नहीं होता और चांद तक पहुंच जाता है।

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