नवरात्रि 2020 : महानवमी में जानें क्या है कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त

9 दिनों का पवन व्रत नवरात्रि में 9 देवियों की अलग अलग दिन मां दुर्गा के अलग अलग अवतारों की पूजा होती हैं। इस बार नवरात्रि का पवन पर्व कोरोना वायरस के नियमों को ध्यान में रखते हुए मनाया जा रहा है।

लखनऊ : 9 दिनों का पवन व्रत नवरात्रि में 9 देवियों की अलग अलग दिन मां दुर्गा के अलग अलग अवतारों की पूजा होती हैं। इस बार नवरात्रि का पवन पर्व कोरोना वायरस के नियमों को ध्यान में रखते हुए मनाया जा रहा है। अष्टमी और नवमी को लेकर लोग बड़े असमंजस में है कि आखिर किस दिन अष्टमी और किस दिन नवमी है।

कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त

अष्टमी तिथि प्रारंभ- 23 अक्टूबर की सुबह 06 बजकर 57 मिनट से.
अष्टमी तिथि समाप्त- 24 अक्टूबर की सुबह 06 बजकर 58 मिनट तक.
नवमी तिथि आरंभ- 24 अक्टूबर की सुबह 06 बजकर 58 मिनट से.
नवमी तिथि समाप्त- 25 अक्टूबर की सुबह 7 बजकर 41 मिनट तक.

आज 24 अक्टूबर को कन्या पूजन होगा, अष्टमी और नवमी दोनों एक साथ होने के कारण कन्या पूजन आज के दिन होगा। कन्या पूजन से माँ दुर्गा की विदाई भी होती है। नवरात्रि के आठवें दिन दुर्गाजी के आठवें स्वरूप मां महागौरी की पूजा और अर्चना का विधान है। नवरात्रि के नौवें दिन महानवमी होती है और आज के दिन महादेवी गौरी सिद्धिदात्री को समर्पित होती है। नवरात्रि के पहले दिन कलश स्थापना से शुरू होने के बाद कन्या पूजन के समय नवरात्रि का समापन होता है। व्रत रखने वाले लोग महानवमी को शुभ मानते हुए अपना व्रत कन्या पूजन के बाद तोड़ते हैं, जो लोग पूरे 9 दिन व्रत नहीं रख पाते, वे सिर्फ अष्टमी या नवमी को व्रत रखते हैं।

नौ दिन का व्रत रखने के बाद महानवमी में भक्त कन्या पूजन के बाद अपना उपवास तोड़ते हैं। इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ़-सफाई के बाद माता के लिए भोग तैयार करें। पूजा के समय माँ महागौरी और सिद्धिदात्री की अर्चना करें और नमन करें। कुछ भक्त कन्या पूजन के समय हवन भी करते हैं।

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