जस्टिस लोया की मौत पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला आज, जानिए पूरा मामला

0

नई दिल्ली। सीबीआई जज बृजगोपाल हरकिशन लोया की मौत की जांच की मांग पर सुप्रीम कोर्ट आज अपना फैसला सुनाएगी। कोर्ट में दाखिल याचिक में याचिकाकर्ताओं ने मौत के हालात को संदिग्ध बताते हुए जांच की मांग की थी। वहीँ महाराष्ट्र सरकार का कहना था कि जस्टिस लोया की मौत स्वाभाविक थी। सरकार का कहना है कि लोया की मौत के समय 4 और जज मौजूद थे और उनकी बता पर विश्वास न करने की कोई वजह नहीं। इस मामले में सुप्रीम आज 10: 30 बजे अपना फैसला सुना सकता है।

जस्टिस लोया

आपको बता दें कि बहुचर्चित सोहराबुद्दीन शेख़ एनकाउंटर केस की सुनवाई करने वाले सीबीआई के स्पशेल जज बीएच लोया की 1 दिसंबर, 2014 को मृत्यु हो गई थी। लोया की मृत्यु नागपुर में हुई थी, वह अपने साथी की बेटी की शादी में वहां गए थे। गौरतलब है कि सोहराबुद्दीन शेख़ एनकाउंटर के साथ बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह समेत अन्य अधिकारियों का भी नाम जुड़ा था। अमित शाह को 2010 में सोहराबुद्दीन के फर्जी एनकाउंटर के केस में जेल जाना पड़ा था।

यह मामला तब सामने आया जब उनकी बहन ने भाई की मौत पर सवाल उठाए थे। बहन के सवाल उठाने के बाद मीडिया की खबरों में जज लोया की मौत और सोहराबुद्दीन केस से उनके जुड़े होने की परिस्थितियों पर संदेह जताया गया था।

बेटे ने जांच से किया था इनकार 

हालाँकि बाद में जस्टिस लोया के बेटे अनुज लोया ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि जस्टिस लोया की मौत को लेकर परिवार को कोई शक नहीं है। बेटे का कहना है कि उनकी मौत हार्ट अटैक से हुई थी। अनुज ने कहा कि उन्‍हें इस मामले में कोई शक नहीं है इसलिए किसी जांच की जरूरत नहीं है। पिता की मौत के समय मैं केवल 17 साल का था और मुझे ज्‍यादा कुछ पता नहीं था।

सोहराबुद्दीन एनकाउंटर 

नवंबर 2005 में गुजरात में सोहराबुद्दीन शेख, उनकी पत्नी कौसर बी और उनके सहयोगी तुलसीदास प्रजापति एनकाउंटर हुआ था। इस कथित फर्जी मुठभेड़ मामले में पुलिसकर्मी समेत कुल 23 आरोपी मुकदमे का सामना कर रहे हैं। बाद में इस केस की जांच सीबीआई को सौंप दी गई। केस को मुंबई ट्रांसफर किया जिसकी सुनवाई लोया कर रहे थे।

loading...
शेयर करें