यूपी विधानसभा की सात सीटों पर करीब 54 फीसदी मतदान हुए

राज्य की सभी रिक्त सात सीटों पर कुल 88 उम्मीदवार चुनाव मैदान में है हालांकि मुख्य मुकाबला भारतीय जनता पार्टी (भाजपा),समाजवादी पार्टी (सपा),बहुजन समाज पार्टी (बसपा) और कांग्रेस के बीच है.

लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा की सात सीटों के लिये मंगलवार को करीब 54 फीसदी मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया.

इक्का दुक्का पोलिंग बूथ पर ईवीएम की खराबी और कुछ एक स्थानों पर विकास कार्यो की अनदेखी से गुस्साये मतदाताओं द्वारा मतदान के बहिष्कार की घटनाओं को छोड़ कर मतदान शांतिपूर्ण तरीके से सम्पन्न हुआ और कहीं से भी किसी हिंसक घटना की सूचना नहीं है.

राज्य की सभी रिक्त सात सीटों पर कुल 88 उम्मीदवार चुनाव मैदान में है हालांकि मुख्य मुकाबला भारतीय जनता पार्टी (भाजपा),समाजवादी पार्टी (सपा),बहुजन समाज पार्टी (बसपा) और कांग्रेस के बीच है. वर्ष 2017 के चुनाव में जौनपुर की मल्हनी सीट को छोड़कर अन्य छह सीटों पर भाजपा का कब्जा था. शाम पांच बजे तक सात विधानसभा क्षेत्रों मेें 51.22 फीसदी वोट डाले गये थे.

अमरोहा की नौगांव सादात सीट पर भाजपा उम्मीदवार ने रिर्टनिंग ऑफिसर और केन्द्रीय पर्यवेक्षक के पास शिकायत दर्ज करायी कि कुछ लोगों ने मतदान प्रक्रिया में बाधा पहुंचाने की कोशिश की. शाम पांच बजे नौगांव सादात सीट पर रिकार्ड 57.60 फीसद मतदाताओं ने वोट डाले थे जबकि कानपुर की घाटमपुर सीट पर सबसे कम 47.65 प्रतिशत मतदान हुआ था.

इस अवधि में उन्नाव की बांगरमऊ सीट पर 49.45 फीसदी, बुलंदशहर सीट पर 49.77 फीसदी, देवरिया में 48.48 फीसदी, फिरोजाबाद की टूंडला सीट पर 50 फीसदी और जौनपुर की मल्हनी सीट पर 55.60 प्रतिशत मतदान हुआ था.

इन सात सीटों पर कुल 24.34 लाख मतदाताओं में पुरूषों की संख्या 13.3 लाख, महिलाओं की 11.30 लाख और थर्ड जेंडर की 130 है. मतदान के लिये 3655 पोलिंग बूथ बनाये गये थे. इन सात सीटों पर नौ महिला उम्मीदवारों की किस्मत दांव पर है. बुलंदशहर में सबसे अधिक 18 उम्मीदवार चुनाव मैदान में है वहीं घाटमपुर में सबसे कम छह प्रत्याशी चुनाव में हिस्सा ले रहे हैं.

मतगणना दस नवम्बर को होगी और संभवत: सभी परिणाम उसी दिन घोषित कर दिये जायेंगे. उपचुनाव को 2022 के विधानसभा चुनाव का सेमी फाइनल माना जा रहा है. यह उपचुनाव में भाजपा और सपा के लिये प्रतिष्ठा का सवाल बना हुआ है वहीं कांग्रेस और बसपा इन चुनावों को जीतकर मनोवैज्ञानिक बढ़त हासिल करने की कोशिश मान रही है. प्रचार के दौरान बुलंदशहर, टूंडला, घाटमपुर और नौगांव सादात में भाजपा का पलड़ा भारी माना जा रहा था वहीं देवरिया, बांगरमऊ और मल्हनी में चुनाव परिणाम चौकाने वाले हो सकते हैं.

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