फेरीवाले के बेटे ने फर्स्ट अटेम्प्ट में पास की नीट की परीक्षा, पूरा किया पिता का ख्वाब

देहरादून। कहते हैं किसी चीज को पाने के लिए यदि दिल से कोशिश की जाए तो सफलता कदम जरूर चूमती है। इस कहावत को सच कर दिखाया है यहां के एक लड़के ने। नाम है विकास। विकास के पिता को जब पता चला कि उनके बेटे ने नीट (नेशनल एलिजिबिलिटी एंट्रेंस टेस्ट) की परिक्षा पास कर ली है, तो उनकी आंखे छलक पड़ीं।

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नीट की परीक्षा

बता दें विकास के पिता जोगेंद्र पेशे से एक फेरीवाले हैं। वो सड़कों पर फड़ लगाकर और घर-घर फेरी देकर कपड़े बेचते है। इसी माध्यम से हासिल होने वाली कमाई से वे अपना घर चलाते हैं। साथ ही उन्होंने बेटे की पढ़ाई की जिम्मेदारी भी पूरी की।

खबरों के मुताबिक़ नीट की एससी केटेगरी में 679वीं प्राप्त कर सलेमपुर बहादराबाद के विकास कुमार ने हरिद्वार का नाम रोशन किया है। विकास की इस उपलब्धि से उनके परिजन गदगद है।

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विकास कुमार ने पिछले वर्ष राजकीय इंटर कालेज समेलपुर बहादराबाद से इंटर की परीक्षा उत्तीर्ण कर डॉक्टर बनने की ठानी और शहर के कोटा क्लासेस में नीट की कोचिंग शुरू कर दी।

एक साल की कड़ी मेहनत के बाद विकास ने छह मई को नीट की परीक्षा दी। जिसमें विकास कुमार ने ऑल इंडिया स्तर पर 679वीं रैंक प्राप्त कर डाक्टर बनने का सपना पूरा किया। जब विकास के पिता जोगेंद्र कुमार को यह खबर मिली तो उनकी खुशी का कोई ठिकाना नहीं रहा।

बेटे को डाक्टर बनने का रास्त साफ होते देख जोगेंद्र सिंह गदगद हैं। जोगेंद्र सिंह गांव-गांव में फेरी लगाकर कपड़े बेचकर अपने परिवार को पालन-पोषण करते हैं।

विकास कुमार ने अपनी इस सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और कोटा क्लासेस के गुरुजनों को दिया है।

विकास का कहना है कि वह अपने पिता की मेहनत को जायर नहीं जाने देंगे। विकास ने हिंदी मीडियम से इंटर पास करने के बाद भी कड़ी मेहनत और लगन से यह नीट में सफलता प्राप्त है।

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