जो न He हैं न She, जानिए उन्‍हें क्‍या कह कर पुकारेंगे

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Trans sexual
Trans sexual

वाशिंग्‍टन। अंग्रेजी में he का इस्‍तेमाल पुरुषों और she का इस्‍तेमाल महिलाओं के लिए होता है। लेकिन उनका क्‍या, जो न  he हैं न she…

15 अप्रैल 2014 को सुप्रीम कोर्ट ने अहम फैसला सुनाते हुए किन्नरों को थर्ड जेंडर यानी तीसरे लिंग के रूप में मान्यता दी थी।  कोर्ट ने केंद्र सरकार को हुक्म जारी किया था कि वो किन्नरों को स्वास्थ्य और शिक्षा की सुविधा मुहैया करवाए। लेकिन किसी किन्‍नर को he और she की तरह हमेशा Third Gender कह कर तो नहीं पुकारा जा सकता।

किन्‍नर Third Gender उपनाम के लिए मान भी जाएं पर उनका क्‍या जो पुरुष होकर खुद को महिला मानते हैं। महिला होते हुए पुरुष जैसा अनुभव करते हैं। कभी खुद को महिला मानते हैं, कभी पुरुष। महिला होते हुए पुरुषों के कपड़े पहनते हैं और पुरुष होकर भी महिलाओं जैसे कपड़े।

उनका क्‍या जो वास्‍तव में पुरुष हैं लेकिन मनोरंजन के लिए महिलाओं के कपड़े पहनते हैं। महिलाओं जैसे नाम रखते हैं। यकीनन आपके पास इन सवालों के जवाब नहीं होंगे।

हिन्‍दुस्‍तान में इन सवालों पर बहस होती जरूर है। लेकिन यह महज उन लोगों के बीच दब जाती है जो न he हैं न she…। लेकिन मीलों दूर अमेरिका में एक व्‍यापक शब्‍दावली तैयार की जा रही है। यह he और she से इतर जिंदगी जीने वालों के लिए नई पहचान साबित हो सकती है।

Gender fluid
Gender fluid

कई अमेरिकी विश्‍वविद्यालय लोगों को अपना लिंग चुनने की आजादी दे रहे हैं। इसके लिए बाकायदा परिचयपत्र पर नए लिंग का जिक्र करने को कहा जा रहा है। यूनिवर्सिटी ऑफ़ विस्कांसिन-मिलवॉकी में प्रथम वर्ष के स्टूडेंट किट विल्सन ख़ुद को किट कहलाना पंसद करते हैं। वह चाहते हैं कि दोस्‍त उन्‍हें she या he की बजाय किट या they कहकर बुलाएं। दोस्‍त उनकी बात मानते हैं।

कीट ने बचपन से ख़ुद को पूरा मर्द या पूरी औरत नहीं माना। 16 साल की उम्र तक वे ख़ुद को टॉम ब्वॉय समझते थे पर बाद में उन्होंने ख़ुद को ‘जेंडरक्वीयर’ के रूप में पहचानना शुरू किया।

he और she से इतर जेंडरक्‍वीयर आपके लिए एक नया शब्‍द हो सकता है। लेकिन अमेरिका में इसका और इस जैसे अन्‍य शब्‍दों का प्रचलन तेज हो गया है।


ये है नई शब्‍दावली

ट्रांसजेंडरः बचपन के निश्चित लिंग से अलग लिंग हो जाना

सिसजेंडरः जिसका लिंग बचपन से निश्चित लिंग से मिलता है, यानी जो ट्रांसजेंडर नहीं है

नॉन-बाइनरीः वह व्यक्ति जो पुरुष और महिला दोनों ही नहीं है

जेंडरक्वीयरः यह नॉन-बाइनरी जैसा ही है। कुछ लोग क्वीयर कहलाना पसंद नहीं करते, जबकि कुछ पसंद करते हैं।

जेंडरफ़्लूइडः जिन लोगों का लिंग समय के साथ बदल जाता है

ट्रांस सेक्सुअलः जो लोग सर्जरी या हार्मोन्स की मदद से अपना लिंग बदलवाते हैं

he या she : किसी व्यक्ति को उसके पंसद के आधार पर he या she कहा जा सकता है। अगर आपका नाम पुरुषों वाला है तो he कहा जाएगा। महिलाओं वाले नाम के लिए she कहा जाता है।

ट्रांसजेंडर मैन/ट्रांसजेंडर वीमेनः जन्म से महिला की पहचान और बाद में पुरुषों की तरह रहने या जन्म से पुरुष की पहचान और बाद में महिला की तरह होने वाले लोगों के लिए यह शब्द इस्तेमाल होते हैं

क्रॉस ड्रेसरः अपने लिंग से विपरीत लिंग के वस्त्र पहनने वाले लोगों को कहते हैं। इसे लैंगिक अभिव्यक्ति के रूप में देखते हैं

ड्रैग क्वीन : मनोरंजन माध्यम के लिए विपरीत लिंगी वस्त्र पहनने वाले लोगों को ड्रैग क्वीन कहते हैं

Cross dresser
Cross dresser

अमेरिकी कॉलेजों में ऐसे सर्वनामों का चलन बढ़ रहा है। वॉशिंगटन की एक अमरीकी यूनिवर्सिटी में एक महीने पहले हुए परिचय सत्र में अपने लिंग समेत परिचय बताने को कहा गया। विश्वविद्यालय के सेंटर फ़ॉर डायवर्सिटी एंड इनक्ल्यूज़न की सारा बेंडोरेटिस बताती हैं कि इस तरह की कोशिशों से हम एक-दूसरे के बारे में अटकलें नहीं लगाते। सामने वाले को पूरी तरह पहचानने का मौका मिलता है। भारत में अभी तक ऐसे सर्वनामों का चलन शुरू भी नहीं हुआ है।

अमेरिका के कुछ विश्वविद्यालय इससे आगे जाकर अपने पसंदीदा सर्वनाम रजिस्टर कराने की इजाज़त देते हैं। यूनिवर्सिटी ऑफ़ वर्मोंट में स्टूडेंट खुद के लिए he, She, they, ze या केवल अपना नाम चुन सकते हैं। अमरीका के कई विश्वविद्यालयों में कम प्रचलित non-binary पहचान चुनने का भी चलन बढ़ा है। यहां कई विश्वविद्यालयों में ऐसे ढेरों पोस्टर-नारे मिल जाएंगे, जिनमें लिखा है- ‘सर्वनाम मायने रखता है’ या ‘मेरे सर्वनाम के बारे में मुझसे पूछें।’

यूनिवर्सिटी ऑफ़ विस्कांसिन के रिसोर्स सेंटर ने 2011 में एक कार्ड बनाया था, जिसे पूरे अमरीका के विश्वविद्यालयों में बांटा गया था। इसमें आठ सर्वनाम दिए गए थे. “he/she,” “him/her,” “his/her,” “his/hers,” and “himself/herself”। इनकी जगह नए नाम तय किए गए। मसलन- “ey,” “em,” “eir,” “eirs,” and “eirself”, या “zie,” “zim,” “zir,” “zirs,” and “zirself”

यूनिवर्सिटी ऑफ़ इलिनॉय में लिंग्विस्टिक्स के डेनिस बैरन ने लिंग निरपेक्ष ऐसे सैकड़ों सर्वनाम जुटाए हैं, इनमें 19वीं सदी से “ip,” “nis,” और “hiser” जैसे सर्वनाम शामिल हैं। आप गूगल पर भी ऐसे तमाम सर्वनाम खोज सकते हैं।

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