भाजपा सरकार की न तो नीतियां सही और न नीयत: अखिलेश

सपा शासन में राज्य में विकास की गति पकड़ ली थी लेकिन अब साढ़े तीन साल बीत गए भाजपा सरकार एक भी ऐसा काम नहीं दिखा पाई जिस पर वह अपना दावा कर सके।

 

लखनऊ : समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा पर सपा के शासनकाल में हुए कार्यो में ही हेराफेरी करके अपना चेहरा बचाने का आरोप लगाया है। अखिलेश ने बुधवार को जारी बयान में कहा कि भाजपा सरकार की न तो नीतियां सही हैं और न नीयत जिससे उत्तर प्रदेश के विकास का पहिया थम गया है।

सपा शासन में राज्य में विकास की गति पकड़ ली थी लेकिन अब साढ़े तीन साल बीत गए भाजपा सरकार एक भी ऐसा काम नहीं दिखा पाई जिस पर वह अपना दावा कर सके। भाजपा सरकार सपा के कार्यो में हेराफेरी करके वह अपना चेहरा बचाती आ रही है।

उन्होंने कहा कि राजधानी लखनऊ में कैंसर इंस्टीट्यूट का शिलान्यास वर्ष 2013 में सपा सरकार ने किया था। सपा सरकार की सोच यह थी कि दिल, किडनी, लीवर और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का इलाज काफी मंहगा होने से सामान्य लोगों के लिए इनका इलाज करा पाना संभव नहीं। संपन्न लोग मुम्बई, दिल्ली या चेन्नई में इलाज कराने जाते हैं। समाजवादी सरकार ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर के कैंसर अस्पताल के सपने को धरती पर उतारा। 20 दिसम्बर 2016 को इसका लोकार्पण भी किया गया।

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सपा का काम अपने नाम

अखिलेश ने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार ने ‘सपा का काम अपने नाम‘ की आदत का हास्यास्पद प्रदर्शन करते हुए 20 अक्टूबर को सीजी सिटी स्थित कैंसर अस्पताल का लोकार्पण कर दिया। इस मौके पर कैंसर अस्पताल के निर्माण के लिए वे पूर्व सरकार का कृतज्ञता पूर्वक स्मरण भी नहीं कर सके। यह कौन सी नैतिकता है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने साढ़े तीन वर्षों तक कैंसर अस्पताल में मरीजो का इलाज ही नही होने दिया। चौथे वर्ष में ओपीडी का काम शुरू किया।

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भाजपा ने डुप्लीकेट लोकार्पण

सबका साथ सबका विकास का नारा देने वाली भाजपा सरकार ने यदि पहले ही काम शुरू करा दिया होता तो कितने ही मरीजों का इलाज हो जाता। मुख्यमंत्री में संवेदनशीलता होती तो वे साढ़े तीन सालों में यहां इलाज न पाने वाले कैंसर मरीजों की मौतों का प्रायश्चित अवश्य करते। उनके सत्तारूढ़ होने के बाद भी उनके गृह जिला गोरखपुर इंसेफ्लाइटिस से हजारों बच्चों की मौत हुई। उन्होंने इसके आगे कहा कि मुख्यमंत्री के ‘डुप्लीकेट लोकार्पण‘ और बड़ी-बड़ी बातों के बाद भी कैंसर अस्पताल में मरीजों को सही और सस्ता इलाज अभी भी नहीं मिल पाएगा। बड़ी संख्या में यहां शिक्षकों के पद खाली है। निर्माण कार्य भी अधूरा है।

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