नए कृषि उपकर से कृषि बुनियादी ढांचे को मिलेगा बढ़ावा- निर्मला सीतारमण

नई दिल्ली : केंद्रीय वित्त मंत्री (Union Finance Minister) निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने रविवार को कहा कि केंद्रीय बजट 2021-22 (Union Budget 2021-22) में घोषित किए गए नए उपकर, कृषि अवसंरचना और विकास उपकर (एआईडीसी) से केंद्र सरकार (Central government) के पास कृषि गतिविधियों को संचालित करने के लिए पर्याप्त धन होगा।

केंद्रीय बजट 2021-22 पर मीडिया से बातचीत के दौरान, सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने कहा कि एआईडीसी के माध्यम से एकत्रित धन राज्यों को वापस दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस उपकर से सरकार के पास कृषि अवसंरचना गतिविधियों के वित्तपोषण के लिए पर्याप्त धन बचेगा। वित्त मंत्री ने कहा कि सीमा शुल्क कम करके एआईडीसी को लाया गया है, इससे आयातक को पहले से कम भुगतान करना पड़ेगा। बता दें कि 1 फरवरी को पेश किए गए अपने बजट में, सीतारमण ने मादक पेय पदार्थों पर 100 फीसदी एआईडीसी उपकर की घोषणा की थी।

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देश में बैंकों के व्यावसायिकरण पर टिप्पणी करते हुए, वित्त मंत्री ने कहा कि बैंक खुद होल्डिंग कंपनी की तरह बैंक परिसंपत्तियों को समाप्त करने और उन कंपनियों में डालने के लिए सहमत हो रहे हैं। मुझे खुशी है कि भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve Bank of India) भी बैंकों के साथ मिलकर काम कर रहा है।

सरकार हर सोमवार को राज्यों को जीएसटी मुआवजा जारी कर रही है

उन्होंने कहा कि खराब संपत्ति या बुरी संपत्ति का निपटान करना गलत नहीं है। बैंकों को क्रेडिट आवश्यकताओं और पेशेवर निर्णय लेने की समझ के साथ व्यापार की भावना के अनुरूप चलने की जरूरत है। बैंकों ने जोखिम उठाना शुरू कर दिया है।

वित्त मंत्री (Union Finance Minister) ने कहा कि प्रत्येक सोमवार को मैं डेटा संग्रह करती हूं कि किस राज्य को कितना पैसा आवंटित किया गया है।बता दें कि जीएसटी मुआवजे के फॉर्मूले के तहत, केंद्र द्वारा राज्यों को उधार देने के लिए ऋण की व्यवस्था की जाती है। उन्होंने कहा कि जहां विकसित अर्थव्यवस्थाएं (Developed economies) आज भी संघर्ष कर रही हैं, वहां हमारी अर्थव्यस्था को तेजी से बढ़ रही है।इसका श्रेय देश के नागरिकों को जाता है।

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