ज्‍वैलरी बिजनेस को 50 फीसदी गिरा देगी पैन कार्ड अनिवार्यता

jewelleryनई दिल्‍ली। नए साल से दो लाख रुपए से ज्‍यादा की खरीद-फरोख्‍त पर पैन की अनिवार्यता आभूषण निर्माता संगठन जेम्स एंड ज्वेलरी ट्रेड फेडरेशन को मंजूर नहीं है। फेडरेशन का मानना है कि सरकार का यह फैसला ज्‍वैलरी के कारोबार पर बुरा असर डालेगा। इससे उनके बिजनेस में गिरावट आएगी। इसलिए इस नियम को तत्‍काल रद़द किया जाए। साथ ही इस समय जारी पांच लाख रुपए की सीमा को 10 लाख किया जाए।

बुरी तरह प्रभावित होगा कारोबार

जीजेएफ के चेयरमैन जीवी श्रीधर इस बारे में कहते हैं कि काले धन पर नियंत्रण रखने के लिए सरकार ने यह कदम उठाया है लेकिन होगा इसका उल्टा। इस नियम से असंगठित बाजार के साथ सोने की स्‍मग्‍लिंग बढ़ जाएगी। इसके अलावा देश के महानगरों को छोड़कर अन्‍य छोटे शहरों में आभूषणो की बिक्री प्रभावित होगी।  महानगरों में भी बिक्री में 50 प्रतिशत की गिरावट आने की आशंका है। उन्होंने कहा, अगर दो लाख रुपये से अधिक के नकदी लेन देन के लिए पैन कार्ड एक जनवरी से अनिवार्य किया जाता है तो आभूषण उदयोग बुरी तरह से गिर जाएगा।

70 फीसदी कारोबार ग्रामीण क्षेत्र में

जीजेएफ के अध्यक्ष श्रीधर जीवी ने कहा कि आभूषण का 70 फीसदी कारोबार ग्रामीण क्षेत्र में होता है। इस क्षेत्र के ज्यादातर खरीदार न तो आयकर दायरे में आते हैं और ना ही उनके पास पैनकार्ड होता है। इस क्षेत्र के खरीदार शादी हेतु आमतौर पर कम से कम 3 से 5 लाख रुपये के गहने खरीदते हैं। लिहाजा पैनकार्ड अनिवार्यता से ज्वेलरों का धंधा चौपट हो जाएगा।

यह नियम लागू होगा नए साल से 

देश में काले धन पर लगाम लगाने के लिए सरकार ने दो लाख रुपये से ज्यादा के नकद लेन-देन पर परमानेंट अकाउंट नंबर (पैन) कार्ड अनिवार्य कर दिया है। इसके साथ ही नए नियमों के मुताबिक एक बार में दो लाख रुपये या इससे अधिक के आभूषण और सोना, चांदी खरीदने पर भी पैन का उल्लेख करना होगा। सोना, चांदी और जेवरात खरीद को भी कालेधन का प्रमुख स्रोत माना जाता है। वर्तमान में पांच लाख और इससे अधिक के आभूषण खरीद पर पैन बताने की आवश्यकता थी।

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