कोरोना के नए वेरिएंट आते रहेंगे, नियंत्रण करने के फॉमूर्ले में कोई बदलाव नहीं

नीति आयोग के सदस्य डॉ वी.के. पॉल ने बताया कि कोरोना वेरिएंट आते रहेंगे और बढ़ते रहेंगे, उसे नियंत्रण करने के फॉमूर्ले में कोई बदलाव नहीं आएगा

नई दिल्ली: नीति आयोग (NITI Aayog) के सदस्य डॉ वी.के. पॉल (Dr. V.K. Paul) ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोला कि कोरोना वेरिएंट आते रहेंगे और बढ़ते रहेंगे। उसे नियंत्रण करने के फॉमूर्ले में कोई बदलाव नहीं आएगा। नए वेरिएंट आए उसके आने से पहले हमें उससे बचने के लिए तैयार रहना चाहिए।

एक लाख से कम मामले

स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में में बताया कि पिछले 24 घंटे में देश में 62,480 नए मामले सामने आए हैं। पिछले 11 दिनों से एक लाख से कम मामले रिपोर्ट हो रहे हैं। कोरोना मामलों के पीक में 85% की कमी देखी गई है। पिछले 24 घंटे में सक्रिय मामलों की संख्या घटकर 7,98,656 हो गई है। पिछले 3 दिनों में सक्रिय मामलों में 1,14,000 की कमी आई है। अब रिकवरी दर बढ़कर 96% हो गई है। हम हर रोज 18.4 लाख कोरोना टेस्ट कर रहे हैं।

लव अग्रवाल ने कहा कि 22 करोड़ से अधिक लोगों को कोरोना वैक्सीन की पहली डोज़ लग गई है और 5 करोड़ से अधिक दूसरी डोज़ लगाई गई है।

व्यक्तियों में सेरोपोसिटिविटी

नीति आयोग के सदस्य-स्वास्थ्य, डॉ वीके पॉल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में जानकारी देते हुए बताया कि अध्ययनों से पता चलता है कि टीकाकरण (Vaccination) वाले व्यक्तियों में अस्पताल में भर्ती होने की संभावना 75-80% कम होती है। ऐसे व्यक्तियों को ऑक्सीजन समर्थन की आवश्यकता होने की संभावना लगभग 8% है और टीकाकरण वाले व्यक्तियों में आईसीयू (ICU) में प्रवेश का जोखिम केवल 6% है।

उन्होंने बताया कि WHO-AIIMS के सर्वेक्षण से पता चलता है कि 18 वर्ष से कम और 18 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों में सेरोपोसिटिविटी (Seropositivity) लगभग बराबर है। 18 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों में, 18 वर्ष से कम आयु के व्यक्तियों में सेरोपोसिटिविटी दर 67% और 59% है। शहरी क्षेत्रों में, यह 18 वर्ष से कम आयु के व्यक्तियों में 78% और 18 वर्ष से ऊपर के व्यक्तियों में 79% है।

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