एनजीटी के प्रतिबंध से 21 शहरों का खत्म हो सकता है वजूद

ngt_12_10_2015

दे‍हरादून। ग्रीन ट्रिब्यूतनल ने गंगा नदी के दोनों किनारों से 100 मीटर तक निर्माण पर पाबंदी लगाने का आदेश दिया है। अब राज्य सरकार की जिम्मेदारी है कि इसे कैसे लागू करती है।

खत्म होगा 21 शहरों का वजूद
राज्य की हरीश रावत सरकार अगर इस निर्देश को मानती है तो गंगा नदी के किनारे बसे 21 शहरों का वजूद खत्म हो सकता है। इसके अलावा लगभग चार सौ गांव इसकी चपेट में आ जाएंगे। गोमुख से हरिद्वार तक अधिकांश आबादी गंगा नदी के किनारे ही बसी हुई है।

River Ganga

गंगा की लंबाई 500 किमी
गोमुख से हरिद्वार तक गंगा की लंबाई तकरीबन 500 किमी है। हरिद्वार, ऋषिकेश के अलावा देवप्रयाग, कर्णप्रयाग, कीर्तिनगर, श्रीनगर, रुद्रप्रयाग, जोशीमठ गंगा किनारे ही आबाद हैं। कुछ गांव और कस्बे ऐसे भी हैं जिनका आकार अगर गंगा किनारे नापा गया तो सौ मीटर में सरहद ही पार हो जाएगी।

गोमुख से हरिद्वार तक गंगा किनारे बसी है आबादी
ग्रीन ट्रिब्युनल से कहा गया है कि इस निर्देश के अनुपालन के संबंध में दिक्कत और सुझाव पेश किए जाएंगे। नमामि गंगे मिशन के तहत गंगा बेसिन का एक्शन प्लान वन संरक्षक एसपी सुबुद्धि ने ही तैयार किया है।

बैठक में उठा कालागढ़ प्रकरण
एनजीटी चैंबर मीटिंग में कालागढ़ का मामला भी रखा गया। अधिकारियों के अनुसार कार्बेट एरिया में 9 हजार हेक्टेयर में रामगंगा परियोजना पर यूपी का सिंचाई विभाग काम कर रहा था। इस पर कालोनी बनाई गई थी। 1999 में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 349 हेक्टेयर भूमि कार्बेट को वापस करने का आदेश किया। वर्ष 2003 में अफसरों की टीम भी मौके पर निरीक्षण करने गई। कालोनी के 51 हेक्टेयर भूमि पर यूपी के सिंचाई विभाग का कब्जा है। यह भूमि यूपी लौटा नहीं रहा है। रिजर्व फोरेस्ट क्षेत्र में आने वाली इस भूमि पर अवैध कब्जे भी हो गए हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Back to top button