टेरर फंडिंग के चलते एनआईए ने निजी कंपनी पर मारा छापा, मिले कई दस्तावेज

रांची| नक्सलियों को आर्थिक मदद पहुंचाने के आरोप के चलते झारखंड की एक निजी निवेश कंपनी को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के छापा का सामना करना पड़ा है। एनआईए ने इस निजी निवेश कंपनी के रांची स्थित कार्यालयों पर छापा मारा। कंपनी पर आरोप है कि वह नक्सलियों के लिए धन इकट्ठा करता है।

मिली जानकारी के अनुसार, एनआईए ने ‘विकास म्यूचुअल बेनीफिट’ के रांची में संदीप टावर और बेरो स्थित कार्यालयों में शुक्रवार और शनिवार को छापे मारकर जांच की। एजेंसी ने आरोप लगाया है कि कंपनी में नक्सलियों ने विभिन्न योजनाओं के तहत निवेश किया है। यह छापेमारी एनआईए द्वारा जनवरी में दर्ज एक मामले के संबंध में हुई।

एनआईए के एक अधिकारी ने कहा कि मामले के संबंध में एनआईए ने 21 मार्च को मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के वरिष्ठ सदस्य संतोष उरांव और रोशन उरांव पर उनके कार्यालयों से ‘विकास म्यूचुअल लाभ निधि’ की विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत निवेश करने के मामले में गिरफ्तार किया था।

छापा मारने वाले दल को दो लैपटॉप, दो सीपीयू, एक पेन ड्राइव के साथ बड़ी संख्या में उरांव बंधुओं द्वारा किए गए वित्तीय लेन-देन से संबंधित कई दस्तावेज बरामद हुए। यह सब फिलहाल एजेंसीके कब्जे में हैं।

एजेंसी के अनुसार, अब तक हुई जांच में खुलासा हुआ है कि उरांव नक्सलियों से मिलते थे और उन्हें आश्रय तथा वित्तीय सहायता देते थे। वे उनके लिए रुपये इकट्ठे करते थे। आतंकवाद से संबंधित रुपये उरांव के रिश्तेदारों के नाम आते थे। इन रुपयों का निवेश विमुद्रीकरण से पहले तथा बाद में विभिन्न योजनाओं में किया गया था।

Related Articles