एनआईए ने गिलानी के बेटों से दो घंटे तक की पूछताछ

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नई दिल्‍ली। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने कश्मीर में अशांति फैलाने के आरोपों के चलते मंगलवार को हुर्रियत के अध्यक्ष सैयद अली शाह गिलानी के बेटों नईम और नसीम से पूछताछ की।

अलगावादियों को नजरबंद

पाकिस्‍तानी समर्थक हैं अलगाववादी नेता गिलानी

एनआईए ऑफिशियल्स ने बताया कि गिलानी के बेटों को समन भेजा गया था, जिसके बाद वे सुबह करीब 11 बजे नई दिल्ली में एजेंसी के हेडक्वार्टर पहुंचे, जहां उनसे मामले से जुड़े कई सवाल किए। गिलानी को पाकिस्तान समर्थक अलगाववादी नेता माना जाता है।

सात अलगावादी नेताओं को किया गया अरेस्‍ट

एनआईए ने टेरर फंडिंग केस में इसी साल 24 जुलाई को कश्मीर के जिन 7 अलगाववादी नेताओं को अरेस्ट किया था, उनमें बिट्टा कराटे, नईम खान, अल्ताफ अहमद शाह (अल्ताफ फंटूश), अयाज अकबर, टी. सैफुल्लाह, मेराज कलवल और शहीद-उल-इस्लाम शामिल हैं। अल्ताफ हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के प्रमुख सैयद अली शाह गिलानी के दामाद हैं।

बिट्टा कराटे को भी किया गया अरेस्‍ट

एनआईए ने जम्मू एंड कश्मीर लिबरेशन फ्रंट के नेता फारूख अहमद डार उर्फ बिट्टा कराटे को दिल्ली में जबकि बाकी अलगाववादी नेताओं को श्रीनगर में अरेस्ट किया था।  अयाज अकबर भी सैयद अली शाह गिलानी के करीबी हैं, अयाज तहरीक-ए-हुर्रियत के स्पोक्सपर्सन भी हैं। जबकि शहीद-उल-इस्लाम हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के उदारवादी धड़े के स्पोक्सपर्सन हैं। इस धड़े के प्रमुख लीडर मीरवाइज उमर फारूख हैं।

घाटी में हिंसा फैलाने को मिलता है फंड

अलगाववादी नेताओं पर आरोप है कि इन्हें कश्मीर में सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, स्कूलों और अन्य सरकारी संस्थानों को जलाने जैसे विध्वंसक गतिविधियों के लिए लश्कर चीफ हाफिज सईद से पैसा मिलता है। घाटी में सिक्युरिटी फोर्सेस पर पत्थर बरसाने के लिए हुर्रियत नेताओं को पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठनों और पाक खुफिया एजेंसी ISI दोनों से फंडिंग होती है। एनआईए ने इस मामले में फिलहाल 13 लोगों के खिलाफ सबूत जुटाए हैं।

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