जम्मू-कश्मीर में 10 अलग-अलग स्थानों पर एनआईए की छापेमारी

एक अधिकारी ने बताया कि एनआईए ने श्रीनगर तथा बडगाम में गैर-सरकारी संगठनों पर छापेमारी की।

श्रीनगर: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद और अलगाववाद को बढ़ावा दिया। इसके वित्तपोषण मामले में बुधवार सुबह श्रीनगर और बडगाम में 10 अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी की।

एक अधिकारी ने बताया कि एनआईए ने श्रीनगर तथा बडगाम में गैर-सरकारी संगठनों पर छापेमारी की। इसके अलावा ट्रस्टों के कुल 10 ठिकानों पर भी छापेमारी हुई। इन गैर-सरकारी संगठनों और ट्रस्टों पर आरोप है कि यह चैरिटेबल गतिविधियों के नाम पर देश-विदेश से धन लेते हैं। उसका इस्तेमाल जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद और अलगाववाद को बढ़ावा देने तथा इसके वित्तपोषण के लिए करते हैं। इस सिलसिले में बेंगलुरु के एक ठिकाने पर भी छापेमारी की गयी है।

अधिकारी ने बताया कि एनआईए गैर-सरकारी संगठनों तथा ट्रस्टों के खिलाफ गए। पर्याप्त सूचना के आधार पर इस संबंध में आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत आठ अक्टूबर को मामला दर्ज किया है।

अधिकारी के मुताबिक एनआईए ने जम्मू-कश्मीर सिविल सोसाइटी के संयोजक खुर्रम परवेज। उनके साथी परवेेज अहमद बुखारी, परवेज अहमद मट्टा और बेंगलुरु स्थित स्वाति शेशाद्री के आवास और कार्यालयों पर छापेमारी की। एनजीओ एथ्राउट के एचबी हाउस बोट नेहरू पार्क इलाके स्थित कार्यालय पर भी छापेमारी की गयी।

इसके अलावा एनआईए ने अंग्रेजी दैनिक समाचार पत्र ‘ग्रेटर कश्मीर’ में छापेमारी की। ये जगह प्रताप पार्क में प्रेस इनक्लेव स्थित कार्यालय पर मौजूद है। एनआईए की छापेमारी के दौरान बड़ी संख्या में केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) और जम्मू-कश्मीर पुलिस के जवानों को तैनात किया गया था।

सूत्रों के मुताबिक एनआईए के अधिकारियों ने विभिन्न ठिकानों पर छापेेमारी की। इस दौरान उन्होंने फाइलों और दस्तावेजों के अलावा इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच की और अपने साथ भी ले गए। गौरतलब है कि ग्रेटर कश्मीर के अधिकारियों से प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारी दिल्ली में पहले भी पूछताछ कर चुके हैं।

इस बीच जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री एवं पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती भी वहां पर थी। उन्होंने छापेमारी का कड़ा विरोध किया है।

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