NITI Aayog: 18 वर्ष से कम और 18+ के व्यक्तियों में Seropositivity लगभग बराबर

नीति आयोग के सदस्य-स्वास्थ्य, डॉ वीके पॉल ने बताया कि के 18 वर्ष से कम और 18 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों में सेरोपोसिटिविटी लगभग बराबर है

नई दिल्ली: नीति आयोग के (NITI Aayog), सदस्य-स्वास्थ्य, डॉ वीके पॉल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में जानकारी देते हुए बताया कि अध्ययनों से पता चलता है कि टीकाकरण (Vaccination) वाले व्यक्तियों में अस्पताल में भर्ती होने की संभावना 75-80% कम होती है। ऐसे व्यक्तियों को ऑक्सीजन समर्थन की आवश्यकता होने की संभावना लगभग 8% है और टीकाकरण वाले व्यक्तियों में आईसीयू (ICU) में प्रवेश का जोखिम केवल 6% है।

डॉ वीके पॉल ने बोला कि  WHO-AIIMS के सर्वेक्षण से पता चलता है कि 18 वर्ष से कम और 18 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों में सेरोपोसिटिविटी (Seropositivity) लगभग बराबर है। 18 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों में, 18 वर्ष से कम आयु के व्यक्तियों में सेरोपोसिटिविटी दर 67% और 59% है। शहरी क्षेत्रों में, यह 18 वर्ष से कम आयु के व्यक्तियों में 78% और 18 वर्ष से ऊपर के व्यक्तियों में 79% है।

वीके पॉल ने बताया ग्रामीण क्षेत्रों में 18 वर्ष से कम आयु के व्यक्तियों में सेरोपोसिटिविटी दर 56% और 18 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों में 63% है। जानकारी से पता चलता है कि बच्चे संक्रमित थे लेकिन यह बहुत हल्का था। बच्चों में संक्रमण के केवल अलग-अलग मामले हो सकते हैं।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ.हर्षवर्धन का बयान

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ.हर्षवर्धन ने बताया कि कोरोना की दूसरी वेव 4 लाख से ज्यादा मामलों की ऊंचाई पर पहुंची, काफी दिनों से एक लाख से कम मामले आ रहे हैं। मामले कम हो रहे हैं, उसके बावजूद हमने अपनी टेस्ट करने की प्रक्रिया को कमजोर होने नहीं दिया।

स्वास्थ्य मंत्री ने बोला कि पिछले कई हफ़्तों से बहुत स्थानों पर अलग-अलग प्रकार का लॉकडाउन चल रहा था और अब वो अनलॉक की प्रक्रिया में बदल रहा है। इस अनलॉकिंग में पहली वेव के बाद हमने जो ढील दी, वो गलती हमसे कहीं फिर ना हो जाए।

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