नीतीश कुमार बोले- मैं नहीं बनना चाहता था सीएम, भाजपा के आग्रह पर स्वीकारा पद

इससे पहले राजग के चारों घटक दल भारतीय जनता पार्टी(भाजपा), जनता दल यूनाइटेड (जदयू), विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) के नव निर्वाचित विधायकों

पटना: जनता दल यूनाइटेड(जदयू) के अध्यक्ष नीतीश कुमार ने आज नेता चुनने के लिए राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के घटक दलों के विधानमंडल दल की हुई बैठक में मुख्यमंत्री पद की जिम्मेवारी लेने से इनकार कर दिया था, लेकिन बाद में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के आग्रह पर वह इसके लिए राजी हो गए.

कुमार ने खुद पत्रकारों से बातचीत में कहा, “मैं मुख्यमंत्री नहीं बनना चाहता था. मैं तो चाहता था भाजपा से कोई मुख्यमंत्री बने. भाजपा के आग्रह के बाद मैंने मुख्यमंत्री पद को स्वीकार किया.

इससे पहले राजग के चारों घटक दल भारतीय जनता पार्टी(भाजपा), जनता दल यूनाइटेड (जदयू), विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) के नव निर्वाचित विधायकों और विधान पार्षदों की संयुक्त बैठक में कुमार को सर्वसम्मति से राजग का नेता चुना गया. इसके बाद कुमार ने राजभवन जाकर राज्यपाल फागू चौहान को राजग के चारों घटक दल की ओर से दिए गए समर्थन का पत्र सौंपा और सरकार बनाने का दावा पेश किया.

राज्यपाल चौहान ने नीतीश कुमार के दावे को स्वीकार कर लिया और उन्हें सरकार बनाने का न्योता दिया. कुमार सोमवार को शाम 4:00 से 4:30 के बीच सातवीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. उनके साथ मंत्रिमंडल के कुछ सदस्य भी शपथ लेंगे और इसमें सभी घटक दलों को प्रतिनिधित्व दिया जाएगा.

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