131 वोटों के साथ नीतीश ने हासिल किया विश्वास मत, 108 विधायकों ने किया विरोध

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पटना: बीते दिन छठी बार बिहार के मुख्यमंत्री बने नीतीश कुमार ने शुक्रवार को विधानसभा में हुए फ्लोर टेस्ट की अड़चन पार कर ली है। विश्वास मत में नीतीश ने जरूरी 122 वोटों से नौ वोट ज्यादा हासिल किये जबकि 108 वोट उनके विरोध में पड़े। आपको बता दें कि नीतीश ने महागठबंधन को तोड़कर भाजपा के समर्थन से दोबारा सरकार बनाई है।

विधानसभा में बहुमत हासिल करने के बाद नीतीश ने तेजस्वी यादव के उस हमले का भी जवाब दिया जो उन्होंने फ्लोर टेस्ट एक किया था। उन्होंने ने कहा कि ये कांग्रेस के लोग हैं अहंकार में जीने वाले लोग हैं। नीतीश ने कहा कि 15 से ज्यादा सीटें कांग्रेस को नहीं मिलने वाली थी लेकिन हमने महागठबंधन में 40 सीटों पर चुनाव लड़वाया।

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आपको बता दें कि विधानसभा में बुलाए गए विशेष सत्र के दौरान राजद विधायक लगातार हंगामा कर रहे थे। राजद विधायकों ने विधानसभा के बाहर धरना भी दिया। इस दौरान तेजस्वी ने नीतीश के खिलाफ आग उगलते हुए कहा था कि मैं इस प्रस्ताव के विरोध में खड़ा हूं। हमें बीजेपी के खिलाफ वोट मिला था, ये सब प्रीप्लान था। ये एक तरह से लोकतंत्र की हत्या है।

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उन्होंने कहा था कि बीजेपी के भी कई मंत्री हैं जिनपर आरोप हैं, नीतीश कुमार और सुशील मोदी पर भी आरोप हैं। तेजस्वी ने कहा कि कांग्रेस और राजद ने मिलकर नीतीश कुमार के वजूद को बचाया था, नीतीश ने बिहार की जनता को धोखा दिया।

उधर, बिहार में जेडीयू-बीजेपी सरकार के विरुद्ध राजद की याचिका हाईकोर्ट ने मंजूर कर ली है। इसको लेकर सुनवाई सोमवार को होगी।

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