नीतीश ने लालू को किया फोन, राजनीति में मची हलचल, कांग्रेस ने बढ़ाया हाथ

पटना| बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आरजेडी अध्यक्ष लालू यादव को फोन कर उनकी तबियत का जायजा लिया। चारा घोटाले में सजा काट रहे लालू यादव इलाज के लिए जमानत पर हैं और मुंबई के अस्पताल में भर्ती हैं। बीजेपी और नीतीश के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर चल रही खींचतान के बीच बिहार के मुख्यमंत्री का लालू यादव को फोन करने पर अब राजनीती शुरू हो गई है।

नीतीश कुमार

लालू यादव के बेटे और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव ने दो टूक कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के लिए महागठबंधन के दरवाजे हमेशा के लिए बंद हो गए हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस मामले को लेकर राजद महागठबंधन के किसी अन्य दलों के दबाव में भी नहीं आएगा। बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि नीतीश कुमार ने जनादेश का अपमान किया और यहां की जनता नीतीश को कभी माफ नहीं करेगी।

उन्होंने कहा कि जनता को ठगने वाले और 36 घोटालों में शामिल रहने वाले नीतीश की महागठबंधन में कोई जगह नहीं है। अगर नीतीश को महागठबंधन में शामिल कराया जाता है, तो यहां की जनता महागठबंधन को भी माफ नहीं करेगी। तेजस्वी ने बिहार में लचर कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए कहा कि बिहार में आपराधिक घटनाओं में जबरदस्त वृद्धि हुई है। उन्होंने इसके लिए एक साइकिल रैली निकालने की बात कही और कहा कि इस रैली में राजद के अलावा महागठबंधन में शामिल सभी दलों के लोग रहेंगे।

जहां एक तरफ तेजस्वी यादव नीतीश कुमार के लिए महागठबंधन के दरवाज़े हमेशा के लिए बंद होने की बात कर रहे हैं तो वहीं कांग्रेस महागठबंधन के लिए अपनी रणनीति बनाने में जुट गई है। उसने इशारों इशारों में नीतीश को अपनी तरफ करने के लिए कहा कि महागठबंधन के लिए काफी रास्ते बंद नहीं होते। कांग्रेस के बिहार प्रभारी शक्ति सिंह गोहिल ने विभिन्न मुद्दों पर नीतीश कुमार को महागठबंधन में शामिल होकर एनडीए के ख़िलाफ़ आवाज़ बुलंद करने का निमंत्रण दिया।

वहीं अब बिहार कांग्रेस के अध्यक्ष कौक़ब क़ादरी ने कहा है कि राजनीति में सम्भावनाएं हमेशा बनी रहती हैं कभी किसी के लिए कोई दरवाजा बंद नहीं होता। कांग्रेस अध्यक्ष के इस बयान ने साफ कर दिया है कि वो गठबंधन के लिए तैयार है।

 

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