नितीश का संकल्प बिहार का करेंगे विकास, राज्य में लागू सात निश्चय पार्ट-2 

नितीश सरकार के गठन के बाद ‘न्याय के साथ विकास’ के सिद्धांत के प्रति अपनी प्रतिबद्धता कायम रखते हुए अगले पांच वर्ष में बिहार के विकास के लिए सुशासन के कार्यक्रम, 2020-2025 के तहत आत्मनिर्भर बिहार के सात निश्चय-2

पटना: बिहार सरकार ने अगले पांच वर्ष के सुशासन के कार्यक्रम को आज मंजूरी दे दी।
मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में इस आशय के संकल्प को स्वीकृति प्रदान की गई है।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2020 के विधानसभा चुनाव तथा नितीश सरकार के गठन के बाद ‘न्याय के साथ विकास’ के सिद्धांत के प्रति अपनी प्रतिबद्धता कायम रखते हुए अगले पांच वर्ष में बिहार के विकास के लिए सुशासन के कार्यक्रम, 2020-2025 के तहत आत्मनिर्भर बिहार के सात निश्चय-2 (2020-2025) कार्यक्रम को संपूर्ण राज्य में लागू किया जाएगा।

सीएम नितीश कुमार ने बताया कि सात निश्चय पार्ट-दो का पहला निश्चय है ‘युवा शक्ति बिहार की प्रगति’ और इसके तहत युवाओं को नौकरी मिल सके इसके लिए उन्हें प्रशिक्षित किया जायेगा। कौशल विकास योजना के जरिये ज्यादा से ज्यादा युवाओं को जोड़ा जायेगा और हर जिले में मेगा स्किल सेंटर बनाया जायेगा।

उन्होंने कहा कि कार्यकुशलता एवं उद्यमिता के लिए एक नया विभाग भी बनाया जायेगा। उद्यमिता के लिए इस बार हर किसी की मदद की जाएगी। प्रशिक्षण के काम में और सुधार लाने के लिए प्रशिक्षण संस्थानों की गुणवत्ता बढ़ाई जायेगी तथा नई तकनीक से जोड़ा जायेगा। इसके लिए बनाये जाने वाले अलग विभाग में आईटीआई और पॉलिटेक्निक समेत ऐसे अन्य संस्थानों को भी जोड़ा जाएगा।

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नया उद्यम अथवा व्यवसाय के लिए परियोजना

प्रधान सचिव ने बताया कि नया उद्यम अथवा व्यवसाय के लिए परियोजना लागत का 50 प्रतिशत अधिकतम पांच लाख रुपये तक का अनुदान दिया जाएगा तथा अधिकतम पांच लाख रुपये का ऋण मात्र एक प्रतिशत ब्याज पर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि दूसरा निश्चय सशक्त महिला सक्षम महिला है।

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दूसरे निश्चय में लाई जाएगी विशेष योजना

इसके तहत महिलाओं में उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए विशेष योजना लाई जाएगी जिसमें उनके द्वारा लगाए जा रहे उद्यमों में परियोजना लागत का 50 प्रतिशत अधिकतम पांच लाख रुपये तक का अनुदान तथा अधिकतम पांच लाख रुपये तक ब्याज मुक्त ऋण दिया जायेगा। इन्टर उत्तीर्ण होने पर अविवाहित महिलाओं को 25000 तथा स्नातक उत्तीर्ण होने पर महिलाओं को 50000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी।

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