किसानों के हक के लिए सामने आए अन्ना हजारे, अब होगी भूख हड़ताल

अन्ना का कहना है कि उन्होंने अब तक पीएम को करीब 5 खत लिखा है लेकिन उन्हें एक भी चिट्टी का जवाब नहीं मिला है।  न तो चिट्टी का जवाब दिया गया और न ही किसानों से संबंधित उनकी मांगों को पूरा किया गया है। इसलिए इस बार उन्होंने जनवरी के आखिरी में दिल्ली के रामलीला  मैदान में भूख हड़ताल करने का फैसला किया है।

नई दिल्ली: पंजाब हरियाणा से आए किसानों को आंदोलन करते हुए आज 51वां दिन हो गया है। लगातार सरकार और किसानों के बीच बैठक भी की जा रही है। लेकिन इस मसले का हल नहीं निकल पा रहा है। वहीं किसानों की मुसीबत को देखते हुए अब अन्ना हजारे ने पीएम मोदी को एक चिट्टी लिखा है। अन्ना का कहना है कि उन्होंने अब तक पीएम को करीब 5 खत लिखा है लेकिन उन्हें एक भी चिट्टी का जवाब नहीं मिला है।  न तो चिट्टी का जवाब दिया गया और न ही किसानों से संबंधित उनकी मांगों को पूरा किया गया है।

इसलिए इस बार उन्होंने जनवरी के आखिरी में दिल्ली के रामलीला  मैदान में भूख हड़ताल करने का फैसला किया है। बता दें कि अन्ना हजारे ने अपने पत्र में लिखा है कि सरकार ने लिखित में दिया था कि केंद्र सरकार ने फ़सल की लागत से 50 प्रतिशत अधिक न्यूनतम समर्थन मूल्य तय किया है और इसे बजट भाषण में भी शामिल किया गया था लेकिन अभी तक इनका पालन नहीं किया जा रहा है।

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उन्होंने कहा कि यह शायद उनकी आख़िरी भूख हड़ताल हो। इससे पहले वो 2018 और 2011 में दिल्ली में लोकपाल की माँग को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे थे। हालांकि आज तक केंद्र में लोकपाल की नियुक्ति नहीं हुई है।

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