अंतिम फैसला आने तक अनिवार्य अटेंडेन्स पर JNU न उठाए कोई कदम: हाईकोर्ट

नई दिल्ली। जेएनयू द्वारा अपनाए गए अनिवार्य अटेंडेन्स नीति के मामले में जेएनयू ने प्रेस रिलीज जारी की। इस मामले में सोमवार को दिल्ली हाईकोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि जब तक अनिवार्य अटेंडेन्स मामले की याचिका पर अंतिम फैसला नहीं दिया जाता, तबतक इस मामले में छात्रों के खिलाफ विश्वविद्यालय द्वारा कोई बड़ा कदम नहीं उठाया जाएगा।

आपको बता दें, अनिवार्य उपस्थिति नीति को लागू करने के लिए विश्वविद्यालय को अपने सभी कोर्सेज में पढ़ने वाले छात्रों की उपस्थिति 75 फीसदी करने की आवश्यकता होती है।

सभी शोध छात्रों को प्रतिदिन एक उपस्थिति रजिस्टर पर हस्ताक्षर करना होगा, चाहे वे परिसर में हो या अपने शोध से जुड़े कार्यों के लिए बाहर ही क्यों न हो।

विश्वविद्यालय द्वारा जारी किए गए नए नियमों का पालन न करने वाले छात्रों को परीक्षा देने, फेलोशिप और छात्रवृत्ति से वंचित कर दिया जाएगा।

 

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