नहीं रहे एनिमेटेड शॉर्ट फिल्म के गाने ‘एक चिड़िया अनेक चिड़िया’ के मेकर

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मुंबई। भारत में एनिमेटेड फिल्म बनाकर कई नेशनल अवॉर्ड जीत चुके राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता भीमसैन खुराना का 82 वर्ष की उम्र में देहांत हो गया। खुराना को फिल्म ‘घरौंदा’ और ‘एक अनेक एकता’ जैसी मशहूर एनीमेशन शॉर्ट फिल्मों और ‘एक चिड़िया, अनेक चिड़िया’ गाने के लिए जाना जाता है। कल रात उन्होंने मुंबई के एक अस्पताल में अंतिम सांस ली। बताया जा रहा है कि वह डायलिसिस पर थे। उनके गुर्दों ने भी काम करना बंद कर दिया था। उनके परिवार में उनकी पत्नी नीलम और बेटे हिमांशु और किरीट खुराना हैं।

 भीमसैन खुराना

भीमसेन ने टीवी और बड़े पर्दे पर अपना बेहतरीन प्रदर्शन किया हैं। वे एक बहुमुखी प्रतिभा से परिपूर्ण कलाकार थे।
भीमसेन एनिमेशन की दुनिया से तब से जुड़े थे, जब दूरदर्शन का सुनहरा दौर था। दूरदर्शन पर आने वाली एनिमेशन फिल्मो के निर्माण के लिए भीमसेन को मुख्य रूप से जाना जाता था। भीमसेन ने लखनऊ विश्वविद्यालय से फाइन आर्ट्स ऐंड क्लासिकल म्यूज़िक में डिप्लोमा हासिल किया था। पाकिस्तान के मुल्तान में 1936 में जन्मे ने एनिमेशन फिल्म ‘ द क्लाइम्ब ‘ से निर्देशन के सफर की शुरूआत की थी। भीमसेन की यह पहली लघु फिल्म थी।

उनका जन्म मुल्तान ( अब पाकिस्तान में ) में 1936 में हुआ था। उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से ललित कला और शास्त्रीय संगीत में डिप्लोमा हासिल किया था। 1970 में उन्होंने अपनी पहली लघु एनिमेशन फिल्म ‘ द क्लाइम्ब ‘ से निर्देशन के सफर की शुरूआत की थी।जिसके लिए उन्हें शिकागो फिल्म फेस्टिवल में सिल्वर ह्यूगो अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।

उनकी एनिमेशन फिल्म ‘एक अनेक एकता’ का ‘एक चिड़िया अनेक चिड़िया’ पॉप्युलर गाना है, जो उन्होंने विजय मलय के साथ मिलकर 1974 में बनाया था। उन्होंने कई अनिमेशन और ऐड फिल्में कीं, जिनमें ‘ना’, ‘एक दो’, ‘फायर’, ‘मुन्नी’, ‘फ्रीडम इज़ इ थिन लाय’, ‘मेहमान’, ‘कहानी हर जमाने की’ और ‘बिज़नस इज़ पीपल’ आदि शामिल हैं।

भीमसेन ने 1976 में ‘घरौंदा’ से फीचर फिल्म के निर्देशन में हाथ आजमाया। स्क्रीनप्ले गुलज़ार ने तैयार किया था, जिसमें जरीना वहाब और अमोल पालेकर थे। 70 के दशक की शानदार फिल्मों में से एक है यह फिल्म। 1985 में दोबारा वह ‘छोटी बड़ी बातें’ लेकर टेलिविजन की ओर लौटे। उन्होंने कई डॉक्यूमेंट्री भी बनाई।

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