नहीं मिले यौन शोषण के सबूत, गोवा अदालत से पत्रकार तरुण तेजपाल बरी

नई दिल्ली: तहलका मैगज़ीन के पूर्व मुख्य सम्पादक तरुण तेजपाल के लिए राहत भरी खबर है. ये खबर गुरूवार को ही आ जाती पर न्यायालय में बिजली न होने से इस मामले में अदालत ने आज फैसला दिया है. योन शोषण के आरोप में पत्रकार तरुण तेजपाल को अदालत ने बरी कर दिया है. अदालत ने सहयोगी से रेप केस में कोई सबूत नहीं मिलने पर तरुण तेजपाल को बरी किया है. बता दें की हलका मैगज़ीन के पूर्व मुख्य सम्पादक तरुण पर उनकी ही एक महिला सहयोगी का आरोप है कि साल 2013 में गोवा के एक लग्जरी होटल की लिफ्ट में तरुण तेजपाल ने उनका शारीरिक शोषण किया. इसके बाद तरुण तेजपाल को 30 नवंबर 2013 रेप केस में क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया था.

वहीँ फरवरी 2014 में गोवा अपराध शाखा ने तेजपाल के खिलाफ 2,846 पन्नों की चार्ज शीट दायर की थी. और 1 जुलाई 2014 को सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी थी. बता दें COVID-19 प्रोटोकॉल के मद्देनज़र किसी भी पत्रकार को अदालत के अंदर जाने की अनुमति नहीं थी. सरकारी वकील फ्रांसिस्को तवोरा ने मीडिया को बताया कि ‘उन्हें बरी कर दिया गया है.’ विशेष न्यायाधीश श्यामा जोशी ने फैसला सुनाया और बरी होने के कारणों का पता समय आने पर चलेगा. बता दें कि 29 सितंबर 2017 को अदालत ने उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप तय किए थे.

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