अब नहीं होगा कोई खतरा, वैज्ञानिकों ने ढूंढा सिजोफ्रेनिया जैसी घातक बीमारी फैलाने वाला जीन

0

टोक्यो। आप सभी ने सिजोफ्रेनिया के बारे में तो सुना ही होगा। यह अत्यंत गम्भीर किस्म की मानसिक बीमारी है। इसमें रोगी सच और कल्पना के बीच का अंतर नहीं समझ पाता। लेकिन हाल ही में हुए एक शोध में रिसर्चर ने सिजोफ्रेनिया को और अधिक जटिल बनाने वाले जीन आरटीएन4आर का पता लगा लिया है। रिसर्चर की इस बड़ी उपलब्धता के बाद इस घातक बीमारी का इलाज आसानी से हो सकेगा।

यह भी पढ़ें, वैज्ञानिकों की बड़ी उपलब्धि, मंगल पर मिली फोबॉस की पहली तस्वीर

सिजोफ्रेनिया

सिजोफ्रेनिया पर शोध करने के बाद रिसर्चर ने बताया कि इस समय करीब 2.1 करोड़ लोग इस गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं। हालांकि इनमें से ज्यादातर लोग आनुवांशिकता की वजह से सिजोफ्रेनिया से पीड़ित हैं। वहीं जापान की ओसाका यूनिवर्सटी के प्रोफेसर तोशिहाइड यमाशिता ने बताया कि यह एक बहुत खतरनाक बीमारी है जोकि न्यूरल सर्किट (तंत्रिका सर्किट) में प्रॉब्लम की वजह से हो जाती है।

आपको बात दें, कि सिजोफ्रेनिया एक ऐसी मानसिक बीमारी है जिसमें पीड़ित व्यक्ति को तरह-तरह की आवाजें सुनाई देती रहती है। वह अपने ही विचारों में खोया रहता है। साथ ही हर व्यक्ति को वह शक की निगाह से देखता है। जैसे उसके आस-पास के लोग उसके खिलाफ षडय़ंत्र रच रहे हों। ऐसा तब ही होता है जब व्यक्ति के दिमाग में मौजूद डोपामिन नामक एक केमिकल का अधिक मात्रा में स्त्राव होने लगता है।

loading...
शेयर करें