No Smoking Day : आज की आखरी सिगरेट आने वाले 15 सालों में बदल देगा आपका जीवन

March महीने के दूसरे बुधवार को हर साल No Smoking Day मनाया जाता है। इस साल No Smoking Day 10 मार्च यानी आज मनाया जा रहा है।

नई दिल्ली : March महीने के दूसरे बुधवार को हर साल No Smoking Day मनाया जाता है। इस साल No Smoking Day 10 मार्च यानी आज मनाया जा रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के आंकड़ों की मानें तो हर साल धूम्रपान और तंबाकू की वजह से दुनियाभर में 70 लाख लोगों की मौत हो जाती है। साल 2019 के आंकड़ों के मुताबिक भारत में करीब 35 प्रतिशत युवा स्मोकिंग की इस जानलेवा लत का शिकार हैं।

आप इसी से अंदाजा लगा सकते हैं कि देश की कितनी बड़ी आबादी धूम्रपान की इस लत का शिकार है जिसकी वजह से लंग कैंसर, न्यूमोनिया, स्ट्रोक और ब्रॉन्काइटिस जैसी कई जानलेवा बीमारियां होती हैं। No Smoking Day का मकसद दुनियाभर के लोगों के बीच जागरूकता फैलाना है ताकि वे धूम्रपान की लत छोड़ने के लिए प्रेरित हो सकें।

स्मोकिंग या गुटखा चबाना जानलेवा आदतों में से एक

स्मोकिंग या गुटखा चबाना उन आदतों में से एक जो आपके लिए जानलेवा साबित हो सकती हैं। ये अपनाई हुई उन ख़राब आदतों का हिस्सा है जिसे अगर एक बार अपना लिया गया तो छोड़ना नामुमकिन के बराबर होता है। इससे होने वाले स्वास्थ्य के खतरों की जानकारी सभी को होती है लेकिन फिर भी 12-17 साल की उम्र के हजारों युवा रोजाना किसी नुक्कड़, चौराहे या पान की दुकान पर आपको स्मोकिंग करते हुए आसानी से देखने को मिल जाएंगे।

धूम्रपान कुछ लोग जिज्ञासा के तौर पर शुरू करते हैं तो किसी को लगता है कि यह टेंशन या डिप्रेशन का रामबाड़ इलाज है। लेकिन लोग ये नहीं समझते हैं कि ये किसी परेशानी का हल नहीं है बल्कि खुद में एक बहुत बड़ी परेशानी है। स्मोकिंग शरीर को ना सिर्फ खोखला करती है बल्कि साथ ही साथ इंसान की सोचने समझने की शक्ति पर भी पूरी तरह से ताला मार देती है।

कैसे शुरू होता है स्मोकिंग का प्रभाव

स्मोकिंग का प्रभाव खांसी और गले में जलन समेत सांस की बदबू और कपड़ों में दुर्गंध के साथ शुरू होता है। No Smoking Day पर हम आपको आखिरी सिगरेट छोड़ने के 20 मिनट बाद से लेकर 15 साल तक का वो सफर तय कराएंगे, जिसमें आपको एक नहीं, ढेरों स्वास्थ लाभ का अनुभव हो पाएगा।

सिगरेट छोड़ने के 20 मिनट बाद-

धूम्रपान छोड़ने के सकारात्मक स्वास्थ्य प्रभाव आपकी अंतिम सिगरेट के 20 मिनट बाद ही दिखना शुरू हो जाते हैं। ऐसा करने से आपका ब्लड प्रेशर और पल्स पहले जैसी नॉर्मल होना शुरू हो जाएंगी। सिगरेट छोड़ना फेफड़ों के लिए काफी फायदेमंद साबित होता है। ब्रोन्कियल ट्यूबों में मौजूद फाइबर फेफड़ों से जलन और बैक्टीरिया को बाहर निकालने में मदद करेंगे, जिससे संक्रमण का जोखिम बहुत कम हो जाएगा।

​आखिरी सिगरेट के 8 घंटे बाद असर-

आप देखेंगे कि 8 घंटों के भीतर आपके मोनोऑक्साइड का लेवेल सामान्य स्तर पर लौट आएगा। सिगरेट न पीने से जब शरीर में कार्बन मोनोऑक्साइड कम होगा, तो ऑक्सीजन का स्तर बढऩे लगेगा। जिसकी मात्रा आमतौर पर धूम्रपान करते समय आपके शरीर में बहुत कम हो जाती है।

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​आखिरी सिगरेट के 24 घंटे बाद क्या होगा असर-

सिगरेट छोड़े आपको महज़ अभी एक दिन हुआ है और कमाल की बात यह है कि आप हार्ट अटैक के खतरे से बच गए हैं। ऐसा नसों और धमनियों के कम होने के साथ बढ़े हुए ऑक्सीजन लेवल के कारण होता है। आपको आश्चर्य होगा, लेकिन इस समय आपके ब्लड फ्लो में निकोटिन का स्तर भी बहुत कम मात्रा में ही सही लेकिन कम हुआ है।

​आखिरी सिगरेट के 48 घंटे बाद-

48 घंटों में पहले से डैमेज हुई तंत्रिका फिर से बढ़ना शुरू हो जाती है। आप नोटिस करेंगे कि धूम्रपान के कारण जो इंद्रियां सुस्त हो गई थीं, उनमें भी तेजी आई है। आपके सूंघने और चखने की क्षमता भी पहले से अच्छी हो गई है।

​आखिरी सिगरेट छोड़ने के 1 हफ्ते बाद-

सिगरेट छोड़ने के बाद एक सप्ताह आपके लिए बहुत महत्वपूर्ण होता है। एक सप्ताह में स्मोकिंग छोड़ने की संभावना नौ गुना बढ़ जाती है और अगर एक सप्ताह तक आपने धूम्रपान नहीं किया, तो समझ लीजिए कि आप जीवनभर के लिए धूम्रपान की लत से बाहर आ चुके हैं।

​आखिरी सिगरेट के 1 महीने बाद-

धूम्रपान से परहेज करने के बाद आप एक महीने के भीतर अपने स्वास्थ्य में बदलाव देखते हैं वहीं ऊर्जा में वृद्धि के साथ फेफड़े भी स्वस्थ होते हैं।

​आखिरी सिगरेट के 3 महीने बाद-

सिगरेट छोड़ने के तीन महीने के भीतर एक महिला अपनी प्रजनन क्षमता में सुधार करने के साथ समय से पहले बच्चे पैदा होने वाले जोखिम से खुद को बचा सकती है।

आखिरी सिगरेट के 3 महीने बाद-

सिगरेट छोड़ने के तीन महीने के भीतर एक महिला अपनी प्रजनन क्षमता में सुधार करने के साथ समय से पहले बच्चे पैदा होने वाले जोखिम को कम कर सकती है।

​6 महीने बाद क्या होगा असर-

आपको ये महसूस होगा कि आप टेंशन के बाद भी समस्याओं को आसानी से हल कर सकते हैं। इसके अलावा आप गौर करेंगे कि पहले की तुलना में गले में कफ और बलगम बहुत कम बन रहा है।

​सिगरेट के 1 साल बाद-

एक साल बाद आपको जो अंतर देखने को मिलेगा उसे देखकर आप हैरान रह जाएंगे। इस समय तक आपके फेफड़ों के काम करने की क्षमता कई गुना बढ़ चुकी होगी।

​आखिरी सिगरेट के 3 साल बाद-

सिगरेट छोड़े अबतक आपको तीन साल हो गए हैं, तो अब आपको दिल का दौरा पड़ने की संभावना बहुत कम हो गई है। धूम्रपान न केवल हृदय तक ऑक्सीजन फ्लो को सीमित करता है, बल्कि धमनियों के अस्तर को भी नुकसान पहुंचाता है। ऐसे में अब आने वाले वर्षों में आपके दिल के स्वस्थ रहने की संभावना बढ़ जाती है।

​आखिरी सिगरेट से 10 साल बाद-

फेफड़ों का जोखिम कम हो जाएगा। इसके अलावा धूम्रपान से संबंधित बीमारियों के विकास का खतरा भी कम होगा। वैसे आपको बता दें कि अब तक आपको सिगरेट छोड़े 10 साल हो चुके हैं। तो सिगरेट न खरीदकर आपने हजारों लाखों रूपए की बचत भी कर ली होगी।

सिगरेट न पीने से 15 साल बाद असर-

ये 15 साल आपके जीवन को पूरी तरह से बदल कर रख देंगे। इन 15 सालों में दिल का दौरा और स्ट्रोक का जोखिम बहुत कम हो जाएगा। इस समय तक आते-आते आप सिगरेट पीना तो दूर, इसे देखना भी पसंद नहीं करेंगे और यही आपके जीवन की सबसे बड़ी सफलता होगी।

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