अविश्वास प्रस्ताव पर बात नहीं बढ़ी आगे, राज्यसभा सोमवार तक के लिए स्थगित

नई दिल्ली। बुधवार को लोकसभा की कार्यवाही शुरू हुई, लेकिन, फिर वही हंगामा, नारेबाजी, शोर-शराबा और कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित। अब लोकसभा की कार्यवाही 2 अप्रैल यानी सोमवार को फिर से शुरू होगी, क्योंकि अगले चार दिनों तक संसद में अवकाश है।

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लोकसभा के भीतर लगातार हंगामे के कारण कोई काम नहीं हो पा रहा है। लेकिन, इस दौरान विपक्ष की तरफ से सरकार के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर बात आगे बढ़ नहीं पा रही है। बुधवार को भी वही हुआ।

सदन की बैठक जैसे ही अपराह्न् 3:40 बजे शुरू हुई, उपसभापति पी. जे. कुरियन ने भाजपा की रूपा गांगुली और जनता दल (यूनाइटेड) के हरिवंश की ओर से पेश बैंकिंग घोटाले पर अल्पकालिक चर्चा कराने की कोशिश की।

वरिष्ठ कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने हालांकि इसका विरोध किया और उपसभापति से पूछा कि इसी मुद्दे पर विपक्षी पार्टियों द्वारा दिए गए नोटिस को स्वीकार क्यों नहीं किया गया।

उन्होंने कहा, बैंक घोटाले पर हमारे नोटिस को क्यों नहीं स्वीकार किया गया, जबकि सत्ता पक्ष के सदस्यों के नोटिस को स्वीकार कर लिया गया? नियमों के अनुसार, हमें अवश्य ही सूचित किया जाना चाहिए। सदन को भी सूचित करना चाहिए कि क्यों हमारे नोटिस को स्वीकार नहीं किया गया।

केंद्रीय संसदीय कार्य राज्य मंत्री विजय गोयल ने कहा कि अगर सदस्य अल्पकालिक चर्चा नहीं चाहते हैं तो अन्य कार्य को आगे बढ़ाया जा सकता है।

इसबीच अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम(अन्नाद्रमुक), तेलुगू देशम पार्टी(तेदेपा) और अन्य विपक्षी दलों के सदस्य सभापति के आसन के समक्ष उपस्थित हो गए। इससे पहले अन्नाद्रमुक के सदस्य ए. नवनीतकृष्णन ने कहा कि तमिलनाडु के लोग अन्नाद्रमुक सांसदों को संसद से इस्तीफा देने के लिए कह रहे हैं, क्योंकि वे कावेरी नदी मुद्दे पर कुछ नहीं कर सके।

शोरगुल के बीच, कुरियन ने सदन को सोमवार तक के लिए स्थगित कर दिया, क्योंकि गुरुवार और शुक्रवार को सार्वजनिक अवकाश है।

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