जीनोम एडिटिंग विकसित करने के लिए जेनिफर डूडना और इमैनुएल कारपेंटियर को मिलेगा केमिस्ट्री का नोबेल पुरस्कार

नई दिल्लीः हाल ही में चिकित्सा और फिजिक्स के बाद अब साल 2020 के केमिस्ट्री के नोबेल पुरस्कार विजेताओं का एलान कर दिया गया है। केमिस्ट्री के क्षेत्र में इस साल जीनोम एडिटिंग का तरीका विकसित करने के लिए इमैनुएल कारपेंटियर और जेनिफर ए डूडना को नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा

नोबेल पुरस्कार समिति ने बुधवार को केमेस्ट्री के नोबेल पुरस्कार विजेताओं का एलान करते हुए एक प्रेस रिलीज भी जारी की है। जिसमें जीनोम एडिटिंग की खोज के लिए इमैनुएल कारपेंटियर और जेनिफर ए डूडना को इस साल नोबेल पुरस्कार से नवाजने का जिक्र किया गया है।

नोबेल पुरस्कार समिति की ओर से जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार कारपेंटियर और जेनिफर ने जीन टेक्नोलॉजी के सबसे तेज उपकरण क्रिस्पर/कैस9 जेनेटिक सिसर (CRISPER/Cas9 genetic scissors) की खोज की है।

जेनेटिक सिसर की तकनीक का उपयोग करते हुए शोधकर्ता जानवरों, पौधों और सूक्ष्म जीवों के डीएनए में अत्यधिक उच्च शुद्धता के साथ बदलाव कर सकते हैं। यह तकनीक कैंसर के इलाज में योगजान दे रही है और जेनेटिक बीमारियों को ठीक करने का सपना भी सच कर सकती है।

विज्ञप्ति में कहा गया है कि अगर जीवन के अंदरूनी क्रियाविधि का पता लगाने के लिए शोधकर्ताओं को जीन संशोधित करने होंगे। यह काम पहले बहुत समय लेने वाला, कठिन और कभी-कभी असंभव हो जाता था। लेकिन CRISPER/Cas9 जेनेटिक सिजर के इस्तेमाल से जीवन के कोड को महज कुछ सप्ताह में ही मुमकिन किया जा सकता है।

बात करें नोबेल विजेताओं की तो जेनिफर ए डूडना अमेरिका के वाशिंगटन की रहने वाली हैं। साथ ही जेनिफर यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया, बर्कली में फ्रोफेसर भी हैं। इसके अलावा इमैनुएल कारपेंटियर फ्रांस के जुविसी-सर-ओर्ग से ताल्लुक रखती हैं तथा वर्तामन में वह जर्मनी के बर्लिन में मैक्स प्लांक यूनिट फॉर दि साइंस ऑफ पैथोजेन्स की निदेशक हैं।

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