NOC घोटाला : शिक्षामंत्री ने रोक ली ट्रांसफर की फाइल, पहले होगी जांच फिर होगा फैसला

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देहरादून। उत्तराखंड के शिक्षामंत्री अरविंद पांडे ने अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) मामले में दोषी पाए गए अधिकारियों, कर्मचारियों व शिक्षकों को उनके पद से हटा दिया है। दरअसल, कुछ समय पहले कुछ शिक्षक ऐसे थे जो उत्तराखंड से उत्तर प्रदेश में अपना ट्रान्सफर कराना चाहते थे। इसके लिए राज्य सरकार से उन्हें NOC चाहिए थी जिसके लिए शिक्षकों ने शिक्षा विभाग के कर्मचारियों से लेकर अधिकारियों तक को रिश्वत दी। जैसे ही यह मामला शिक्षामंत्री अरविंद पांडे के सामने आया वैसे उन्होंने इस मामले के जांच के आदेश दिए।

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NOC के लिए होगी थोड़ी सी देर

जांच होते ही सबके नाम सामने आ गए। ऐसे में मंत्री ने सबको उनके पद से हटा दिया। यही नहीं, शिक्षा मंत्री ने प्रभावित कर्मचारियों को अधिकारियों से पैसा वापस लेने तक शिक्षक व कर्मचारियों को रिलीव करने वाली फाइल को अपने पास ही रोक लिया है। हाल ही में हुई एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान शिक्षा मंत्री ने बताया कि NOC शिक्षकों को दोनों राज्यों से लेनी होती है। ऐसे में उत्तराखंड के कुछ अधिकारियों ने गलत तरीके से काम किया।

उन्होंने ये भी बताया कि जब उनके पास फाइलें रिलीव करने के लिए भेजी गईं, तब उन्हें इस मामले के बारे में पता चला। जैसे ही उन्हें इसके बारे में जानकारी प्राप्त हुई वैसे ही उन्होंने वो सभी फाइलें अपने पास रोक ली और तुरंत इस मामले के लिए जांच के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि इस घोटाले में लिप्त अधिकारी व कर्मचारियों को चिह्नित करते हुए उन्हें संबंधित जगह से हटाते हुए पदावनत भी कर दिया गया है।

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उधर, काफी समय से राज्य सरकार इस मामले पर भी विचार कर रही है कि अब जल्द ही सरकारी टीचर्स की स्थायी नियुक्ति को कांट्रेक्ट में बदलने जा रही है। यही वजह है कि राज्य सरकार टीचरों के रिक्त पदों को लगातार समाप्त कर रही है। दरअसल, राज्य सरकार चाहती है कि आने वाले समय में सरकारी टीचरों की स्थायी नियुक्ति के बजाय कांट्रेक्ट के आधार पर नियुक्ति हो।

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