गुजरात में ‘भारत बंद’ नहीं, जबरन कराया तो सख्ती से निपटेंगे: सीएम विजय रूपाणी

आज जारी एक सरकारी विज्ञप्ति में मुख्यमंत्री ने कहा कि गुजरात में सोमवार को आंदोलन या बंद के नाम पर जबर्दस्ती बंद कराने वाले और कानून व्यवस्था की स्थिति को पलीता लगाने वाले तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

गांधीनगर: गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने केंद्र सरकार के नए कृषि कानूनो के ख़िलाफ़ चल रहे किसान आंदोलन के समर्थन में कल आयोजित भारत बंद के ऐलान को कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों की ओर से किसानों के नाम पर अपनी राजनीतिक रोटी सेंकने का षड्यंत्र करार दिया है।

आज जारी एक सरकारी विज्ञप्ति में मुख्यमंत्री ने कहा कि गुजरात में सोमवार को आंदोलन या बंद के नाम पर जबर्दस्ती बंद कराने वाले और कानून व्यवस्था की स्थिति को पलीता लगाने वाले तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य में बंद को सफलता नहीं मिलेगी और जो कृषि उत्पाद बाज़ार समितियां यानी एपीएमसी पुलिस बंदोबस्त की मांग करेगी, उन्हें पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था भी सरकार मुहैया कराएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस और विपक्ष मोदी सरकार के खिलाफ अपने राजनीतिक अस्तित्व को टिकाए रखने के लिए इस आंदोलन में किसानों के नाम पर कूद पड़ा है। कांग्रेस का तो अस्तित्व ही खत्म हो चुका है। लोकसभा और विधानसभा चुनाव से लेकर स्थानीय निकाय के चुनावों तक में कांग्रेस का नामोनिशान मिट चुका है। जनता अब कांग्रेस के साथ नहीं है। कांग्रेस के तत्कालीन अध्यक्ष राहुल गांधी ने तो 2013 में कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक कर एपीएमसी के बदले आवश्यक वस्तु अधिनियम (ईसीए) लाने की और फल तथा सब्जियों को हटाने यानी डिलिस्ट करने की बात कही थी। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के नेता शरद पवार ने भी बतौर कृषि मंत्री सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखकर मंडी एक्ट को हटाने की बात कही थी।

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