Agricultural law: कानून पर रोक लगाने से नहीं बल्कि कानून वापस लेने से बनेगी बात: राकेश टिकैत

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट (Supreme court) के फैसले को लेकर किसान नेता राकेश टिकैत (Rakesh Tikait) असंतुष्ट दिखे, उन्होंने कहा कि हमारी मांग ये है कि सरकार कृषि कानून (Agricultural law) को वापस ले, न कि इस कानून पर सिर्फ रोक लगे. उन्होंने कहा कि किसान संगठन ये तय करेंगे की उनकों अपनी बात सुप्रीम कोर्ट द्वारा बनाई गई समिति के सामने रखनी है या नहीं.

एमएसपी पर सरकार बनाये ठोश कानून

उन्होंने कहा कि हम आंदोलन तब तक खत्म नहीं कर सकते जब तक सरकार कृषि बिल को वापस लेते हुए एमएसपी पर एक ठोश कानून नहीं बना देती.

जहां सोमवार को कोर्ट ने सरकार को फटकार लगाते हुए कृषि कानून (Agricultural law) पर स्पष्टीकरण मांगा था, वहीँ अब बीते मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने कृषि कानूनों पर रोक लगा दी है. सरकार और किसानों के बीच इस मुद्दे को सुलझाने के लिए कोर्ट ने एक समिति का गठन किया है।

कृषि बिल वापस ले सरकार

हालांकि किसान सुप्रीम कोर्ट द्वारा बनाये गए समिति पर एतराज जता रहे है. उनका कहना है की सरकार के पास सिर्फ एक ही विकल्प बचा है, और वो विकल्प है कृषि कानून वापसी का. किसानों का कहना है की कोर्ट ने समिति में उन लोगों को शामिल किया है जो कि कृषि बिल पर पहले से ही सरकार के साथ है.

कोर्ट के फैसले से खुश लेकिन खत्म नहीं होगा आंदोलन

किसानों ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने कृषि कानूनों को लागू किए जाने पर रोक लगाई है, कोर्ट के इस फैसले से हम खुश जरूर है, लेकिन हम चाहते है की सरकार इन बिलों को पूरी तरीके से वापस ले. किसानों ने कहा कि जब तक कानून वापस नहीं होते हैं तब तक आंदोलन जारी रहेगा.

क्या निकलेगा ट्रैक्टर परेड?

किसान बिल (Agricultural law) पर घमासान लगातार जारी है, इस लड़ाई को भले ही सुप्रीमकोर्ट ने कुछ हद तक रोकने की कोशिश की है, लेकिन अगर किसान इसी तरह अपनी जिद पर अड़े रहे तो आगे की डगर सरकार के लिए काफी चुनौती भरा हो सकता है. अब देखने वाली बात यह होगी की क्या किसान 26 जनवरी को ट्रैक्टर परेड निकालेंगे.

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