अब दस आयुष्मान कार्ड बनते ही कंप्यूटर पर अलर्ट, सिस्टम हुआ अपग्रेड

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लखनऊ: आयुष्मान में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए सिस्टम को अपग्रेड किया जा रहा है। आयुष्मान लाभार्थियों का चयन सोशियो इकोनॉमिक कॉस्ट सेंसस (एसईसीसी) वर्ष 2011 की सूची के आधार पर किया गया। इसमें शामिल परिवारों में नए सदस्य जोड़ने के लिए विकल्प उपलब्ध कराया गया। ऐसे में लाभार्थी परिवारों ने नए सदस्यों को शामिल कराने के नाम पर फर्जीवाड़ा किया।

प्रदेश में 30 हजार आयुष्मान कार्डधारक संदेह के घेरे में हैं। इनमें से तीन हजार को विभिन्न सीएमओ कार्यालय में तलब किया गया है। सभी से दस्तावेज मांगे गए हैं। इसमें लखनऊ का एक परिवार है, जिसके घर में 25 कार्ड बने हैं। सदस्यों को जोड़ने वाले पोर्टल पर बदलाव किए जा रहे हैं। अब परिवार के दस कार्ड बनते ही सिस्टम पर अलर्ट आ जाएगा।

घर के सदस्यों के अलावा साली, साला, सरहज तक को जोड़कर कार्ड बनवा दिए गए। ऐसे में अधिकतम एक परिवार में दस से अधिक बने कार्ड निरस्त कर दिए जाएंगे। कार्डो की डिएक्टिवेट करने के लिए केंद्र सरकार को पत्र भी स्टेट एजेंसी फॉर कॉम्प्रिहेंसिव हेल्थ एंड इंटीग्रेटेड सर्विसेज (साची) द्वारा भेजा जा चुका है। अब बेनीफिशरी आईडेंटिटीफिकेशन सिस्टम को अपग्रेड कर दिया गया। साची की सीईओ संगीता सिंह के मुताबिक, अब परिवार के दस सदस्य पूरे होते ही कंप्यूटर पर अलर्ट आ जाएगा और आयुष्मान मित्र सतर्क हो जाएगा।

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