अब कोल्ड डायरिया का अटैक

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Viral_infectionकानपुर। स्वास्थ्य विभाग किसी तरह से अभी डेंगू से निपट पाया था कि सर्दी बढ़ते ही कोल्ड डायरिया ने बच्चों को शिकार बनाना शुरू कर दिया है।

शहर के केवल हैलट अस्पताल में ही रोज 15 से 20 बच्चे इसके शिकार होकर भर्ती हो रहे हैं। मरीज बढ़ने से एक-एक बेड पर कई कई बच्चों को भर्ती कर उनका इलाज किया जा रहा है।
कोल्ड डायरिया के साथ निमोनिया के भी शिकार बच्चे पहुंच रहे हैं। आलम यह है कि ओपीडी में प्रतिदिन 30 से 40 फीसद रोगी डायरिया व निमोनिया के शिकार होते हैं।

ओपीडी में डॉक्टर जीएन द्विवेदी ने बताया कि ठण्ड की वजह से मरीजों की संख्या बढ़ रही है। सबसे अधिक मरीज कोल्ड डायरिया के आ रहे हैं। इसी तरह शहर के अन्य सरकारी व निजी अस्पतालों में भी मरीजों की संख्या बढ़ी है।

वायरस हुआ सक्रिय200301566-001

मेडिकल कालेज के बाल रोग विभागाध्यक्ष डा. यशवन्त राव का कहना है कि सर्दी में वायरस के सक्रिय होने से कोल्ड डायरिया का संक्रमण होता है। इसकी चपेट में पांच साल से छोटी उम्र के बच्चे जादा आते हैं।

लक्षण

उल्टी के साथ दस्त आना, पेट में दर्द होना, बच्चे को पेशाब कम होना और उसका सुस्त हो जाना आदि कोल्ड डायरिया के लक्षण हैं।

उपाय

जरूरी न होने पर सुबह शाम बाहर न निकलना, रोगी को धूप में जरूर बैठाएं, पानी उबाल कर दें, बासी या ठंडा खाना न दें, सड़े गले फल न खिलाएं, आइसक्रीम न दें और एक साल तक के बच्चे को रोटा वैक्सीन लगवा सकते हैं।

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