अब फेसबुक धूम्रपान छोड़ने में कर सकती है मदद!

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नई दिल्ली। सोशल नेटवर्किं ग कंपनी फेसबुक द्वारा जारी किए गए धूम्रपान छोड़ने के कार्यक्रम में अन्य ऑनलाइन धूम्रपान छोड़ने के कार्यक्रमों की तुलना में धूम्रपान को छोड़ने की 2.5 गुना ज्यादा संभावना नजर आई है। एक शोध का नतीजा बताता है कि युवा वयस्क धूम्रपान छोड़ने के इलाज के लिए साक्ष्य आधारित इलाज जैसे चिकित्सा, काउंसलिंग या फोन आधारित छोड़ने के सुझाव को कम पसंद करते हैं। परिणामस्वरूप सोशल मीडिया आधारित कार्यक्रम धूम्रपान छोड़ने की सेवाओं की पहुंच को विस्तार दिया जा सकता है।


शोधकर्ताओं ने कहा कि इसका इस्तेमाल खास तौर से युवा वयस्कों के बीच अल्पकालिक सकारात्मक व्यवहार परिवर्तन में प्रभावी सहयोग के तौर पर कर सकते हैं। युवा वयस्क में पहुंच व इलाज एक चुनौतीपूर्ण विषय है।
सैन फ्रांसिस्को कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के सहायक प्रोफेसर डेनियल रामो ने कहा, “हमने पाया कि हम दुर्लभ आबादी तक पहुंच सकते हैं और उत्कृष्ट काम कर सकते हैं।”

रामो ने कहा, “सोशल मीडिया वातावरण का तंबाकू के इलाज के औजार के तौर पर प्रयोग हो सकता है, यहां तक कि इसे नहीं छोड़ने वालों के लिए भी।”इस शोध का प्रकाशन पत्रिका ‘एडिक्शन’ में किया गया है। इसमें 500 प्रतिभागी शामिल रहे, जिनकी औसत आयु 21 साल रही और इसमें से करीब 87 फीसदी नमूने रोजना धूम्रपान करने वालों के लिए गए।

इस प्रतिभागियों ने 90 दिन के टोबैको स्टेट्स परियोजना कार्यक्रम में भाग लिया, जिसमें उन्हें धूम्रपान छोड़ने की तत्परता के अनुसार निजी फेसबुक समूहों में बांटा गया।परिणामों से पता चला है कि प्रतिभागियों में तीन महीने के नियंत्रण की तुलना में धूम्रपान पर जैवरासायनिक रूप से संयम बरतने में 2.5 गुना की पुष्टि हुई है और यह संयम लंबे समय बाद उन लोगों में पैदा हुई है जो अन्य की तुलना में धूम्रपान छोड़ने को तैयार हुए हैं।

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