फर्जी खबरों पर लगाम लगाने के लिए फेसबुक ने शुरू किया एक नया प्रोग्राम, जानें क्या है तरीका

नई दिल्ली। दिग्गज सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक पिछले लंबे समय से काफी आलोचनाओं का सामना कर रही है। ऐसे में कंपनी कैसे भी अपनी खोई हुई गरिमा को वापस लाने का प्रयास करेगी। आपको बताते चले कि इसी क्रम में कंपनी ने भारत में थर्ड पार्टी फैक्ट चेक की शुरुआत करने का ऐलान किया है।

गौरतलब है कि इलेक्शन को लेकर फेसबुक लगातार सवालों के घेरे में है। इसी वजह से कंपनी ने एक नई शुरूआत की है। आपको बताते चले कि कर्नाटक में चुनाव है और इससे पहले फेसबुक ने फेक न्यूज पर लगाम लगाने के लिए थर्ड पार्टी फैक्ट चेक शुरू किया है। कंपनी ने फिलहाल इसे पायलट प्रोग्राम के तहत शुरू किया है जो कर्नाटक चुनाव को लेकर काफी महत्वपूर्ण है।

इस प्रोग्राम को लेकर फेसबुक ने कहा कि इसे शुरू करने का मकसद फर्जी खबरों को फैलने से रोकना और उससे लड़ना है। फेसबुक ने फैक्ट चेकिंग इंडिपेंडेंट डिजिटल जर्नलिज्म एजेंसी बूम के के साथ पार्टनर्शिप की है। बूम नाम की यह एजेंसी इंटरनेशन फैक्ट चेकिंग नेटवर्क से सर्टिफाइड है।यह फैक्ट चेकिंग एजेंसी इंग्लिश खबरों को रिव्यू करेगी जिन्हें फ्लैग किया गया है। यहां से खबरों को छह तरह की रेटिंग दी जाएगी। इनमें False, Mixture, True और not rated शामिल हैं। अगर फैक्ट चेक करने वाली एजेंसी किसी खबर को False रेट करती है तो फेसबुक इसे न्यूज फीड में नीचे कर देगा।

इतना ही नहीं फेसबुक लोगों और पेज ऐडमिन को बताएगा कि वो गलत खबरें शेयर कर रहे हैं। अगर पहले शेयर किया है तो भी नोटिफिकेशन के जरिए बताया जाएगा कि ये खबर फर्जी है।फेसबुक के मुताबिक जिस पेज से लगातार ऐसी खबरें पोस्ट होंगी जो फर्जी होंगी तो फेसबुक उनके पोस्ट की पहुंच 80 फीसदी तक कम कर देगा। इसके अलावा विज्ञापन से उन्हें पैसे कमाने में भी मुश्किलें होंगी।

 

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