अखिलेश सरकार अब खुद चलाएगी स्वास्थ्य बीमा योजना

Akhilesh-Yadav-Pardaphash-91069लखनऊ। केंद्र सरकार ने उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना बंद कर दिया है। केंद्र के इस कदम से नाराज अखिलेश सरकार ने अब खुद इस बीमा योजना को चलाने का फैसला लिया है। यह बीमा योजना हालांकि बदले हुए स्वरूप में लागू होगी।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना में बीपीएल कार्ड धारकों को इस योजना का लाभ मिलता था, जबकि प्रदेश सरकार इसका लाभ 40 लाख समाजवादी पेंशनधारकों को देगी। प्रदेश में यह समाजवादी स्वास्थ्य बीमा योजना के नाम से संचालित होगी। प्रदेश में इस योजना को चलाने में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की विशेष रुचि है। उनके निर्देश पर ही चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग समाजवादी स्वास्थ्य बीमा योजना के लिए अगले वित्तीय सत्र के बजट में 130 करोड़ रुपये का प्रावधान करने जा रहा है।

केंद्र सरकार राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत 100 करोड़ रुपये देती थी। इससे लगभग 45 लाख बीपीएल कार्ड धारकों को 30 हजार रुपये तक निजी व सरकारी अस्पतालों में नि:शुल्क चिकित्सा सुविधा मिलती थी। इस योजना में केंद्र का 75 फीसदी और प्रदेश का 25 फीसदी अशंदान था। लेकिन केंद्र ने इस साल सितंबर में अपना अंशदान देना बंद कर दिया। राज्य सरकार के बार-बार आग्रह के बावजूद केंद्र ने योजना के लिए बजट जारी नहीं किया।

इससे खफा होकर राज्य सरकार ने ‘108’ समाजवादी एम्बुलेंस सेवा की तर्ज पर इस योजना को खुद अपने बजट से चलाने का फैसला किया। ‘108’ एम्बुलेंस सेवा पर समाजवादी लिखे जाने के बाद केंद्र सरकार ने धन नहीं दिया था। इसके बाद राज्य सरकार इस एम्बुलेंस सेवा को अपने बजट से संचालित कर रही है।

राज्य सरकार का मानना है कि समाजवादी पेंशन पाने वाले भी बीपीएल कार्ड धारकों की श्रेणी में ही आते हैं। ऐसे में समाजवादी स्वास्थ्य बीमा योजना का लाभ उन्हीं दिए जाएगा।

राज्य सरकार इस योजना के तहत समाजवादी पेंशन धारकों की कैंसर, हृदयरोग, किडनी और लीवर संबंधी गंभीर बीमारियों का इलाज निजी व सरकारी अस्पतालों में नि:शुल्क कराएगी। चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग इस योजना को चलाने के लिए टेंडर के सहारे बीमा कंपनियों को आमंत्रित करेगा।

प्रमुख सचिव (चिकित्सा स्वास्थ्य) अरविंद कुमार ने बताया कि प्रदेश सरकार स्वास्थ्य बीमा योजना खुद चलाने पर विचार कर रही है। इसके परिणाम जल्द सामने आएंगे। वहीं समाजवादी प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य व पूर्व राज्यमंत्री सुनील सिंह साजन का मानना है कि उप्र सरकार के साथ केंद्र सरकार सौतेला व्यवहार कर रही है, लेकिन प्रदेश में इस योजना को चलाने में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की विशेष रुचि है और कोई भी योजना मुख्यमंत्री बंद नहीं होने देंगे।

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