अब ट्रेन के एसी कोच में फेस टॉवेल की जगह नैपकिन देगा रेलवे, वजह जान उड़ जाएंगे होश!

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नई दिल्ली: अगर आप भी अक्सर भारतीय रेलवे के एसी कोच में सफर करते हैं तो आपके लिए यह खबर जानना बहुत जरूरी है. दरअसल, रेलवे ने एसी कोच में धोए जाने वाले कंबलों के इस्तेमाल के चलन की शुरुआत करने के बाद अब फेस टॉवेल (तौलिया) का विकल्प ढूंढ लिया है. एसी कोच में अब सफर के दौरान यात्रियों के फेस टॉवेल नहीं मिलेगा। रेलवे अब टॉवेल के बदले सस्ते फेंके जा सकने वाले नैपकिन देगा।

वर्तमान में एसी कोच में 52X40 सेंटीमीटर के टॉवेल दिए जाते हैं। इनके बदले अब छोटे नैपकिन दिए जाएंगे, जिन्हें उपयोग के बाद फेंका जा सकेगा। ये नैपकिन सस्ते होने के साथ-साथ पर्यावरण को भी नुकसान नहीं पहुंचाएंगे. साथ ही कॉटन के बने होने के कारण ये ज्यादा पानी सोख सकेंगे। लंबी यात्रा करने वालों को जरुरत पड़ने पर इस तरह के 2 नैपकिन दिए जाएंगे।

करोड़ो के नुकसान से बचने के लिए उठाया ये कदम

दरअसल, एक खबर के अनुसार, सिर्फ मुंबई डिविजन में हर महीने एक ट्रेन में 70 टॉवेल गायब हो जाते हैं। अभी जो टॉवेल दिए जाते हैं उनकी प्रति टॉवेल कीमत 3.53 रुपए है। चोरी होने पर इन टॉवेल की कीमत अटेंडेंट से वसूली जाती है। इसके चलते कई बार तो अटेंडेंट की सैलरी प्रति महीना करीब 500 रुपए कट जाती है। साल 2016-17 में मुंबई सेंट्रल, बांद्रा और सूरत वाले रूट पर 56 ट्रेन से करीब 71.52 लाख रुपए के बेड लिनेन और टॉवेल चोरी हो गए। इसमें करीब 81,190 फेस टॉवेल थे। वहीं अगर रेलवे के अन्य डिवीजन से ये आंकड़े लिए जाएं तो रेलवे को हर साल करोड़ों का नुकसान पहुंच रहा था. हालांकि दूसरे डिवीजन ने इस तरह की चोरी से होने वाले नुकसान की जानकारी उजागर नहीं की है।

सभी जोन के महाप्रबंधकों को भेजा गया आदेश

रेलवे के मुताबिक, यात्रियों के लिए सफर के अनुभव को और बेहतर बनाने की ओर ध्यान देने के क्रम में यह व्यवस्था की जा रही है. फेस टॉवेल इस्तेमाल करने संबंधी यह आदेश बीते 26 जून को ही सभी रेलवे जोनों के महाप्रबंधकों को भेजा गया है.

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