अब इंसान जी पाएगा 120 साल से भी ज्यादा की ज़िन्दगी

नई दिल्ली: कौन नहीं चाहता की वो स्वस्थ रहे और लम्बी उम्र जी सके। वैज्ञानिकों द्वारा एक ऐसी खोज़ की गयी जिस से इंसान का यह सपना सच हो सकता है। इस अविष्कार से इंसान 120 से भी ज्यादा की उम्र जी सकेगा। इस हैरतंगेज खोज ने इंसान को विज्ञान की दुनिया में तो एक कदम आगे बढ़ा ही दिया है, साथ ही उनकी उम्र को लम्बी करने की भी उम्मीद जताई है।

यूनिवर्सिटी ऑफ कैंब्रिज (University of Cambridge) के एक्सपर्ट सर शंकर बालासुब्रमण्यम (Sir Shankar Balasubramanian) इंसानों के जीन (Human Gene) से जुड़ी खास खोज की है। उन्होंने जीन सीक्वेंसिंग (Genetic Sequencing) के एक नए फॉर्म का आविष्कार किया है। जिससे डॉक्टर्स किसी भी बीमारी को उसके शुरुआती स्टेज में ही पकड़ लेंगे और उसका इलाज कर उसे ठीक कर सकेंगे। इसके जरिए इंसान की उम्र भी बढ़ जाएगी।

जिनोम सीक्वेंसिंग (Genome Sequencing) के जरिए डॉक्टर्स किसी भी इंसान की जीन को जांच कर उसकी बीमारी का पता काफी पहले लगा सकते हैं। जिनोम सीक्वेंसिंग का मतलब हैं की किसी भी जीव के जीन का परीक्षण करना, जिसके जरिए उसके बारे में ज्यादा जानकारी मिल सके। इस खोज के जरिए डॉक्टर्स इंसान के DNA को पहले से भी बेहतर ढंग से पढ़ सकते हैं, हमारे जीन के मुख्य सांकेतिक लेटर A,C,T और G हैं जिसे इस नई खोज के माध्यम से पढ़ा जा सकेगा।

एपीजिनोम सीक्वेंसिंग के जरिए पता चलेंगी बीमारी

एक्सपर्ट द्वारा की गई ये खोज अगले जेनरेशन की सीक्वेंसिंग के लिए रास्ते खोलने वाली है। सर शंकर ने मीडिया से बात करते हुए कहा की कि अब वो समय दूर नहीं है जब हम सिर्फ जिनोम सीक्वेंसिंग से ही नहीं बल्कि एपीजिनोम सीक्वेंसिंग के जरिए भी बीमारियों का पता लगा पाएंगे। इस खोज के आधार पर सर शंकर की कंपनी कैंब्रिज एपिजेनेटिक्स किसी भी मरीज के जीन का अध्ययन कर के उसकी बीमारी के लिए अलग से दवाइयां बना सकेगी।

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